
मुंबई। रुपये में बड़ी गिरावट के दबाव में घरेलू शेयर बाजार मंगलवार को लगातार तीसरे दिन लुढ़क गये और प्रमुख सूचकांक एक सप्ताह के निचले स्तर पर बंद हुए। बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 503.63 अंक (0.59 प्रतिशत) लुढ़ककर 85,138.27 अंक पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी-50 सूचकांक भी 143.55 अंक यानी 0.55 प्रतिशत टूटकर 26,032.20 अंक पर बंद हुआ। यह दोनों सूचकांकों का 25 नवंबर के बाद का निचला स्तर है। औद्योगिक उत्पादन के अक्टूबर के आंकड़े कमजोर रहने और रुपये पर जारी दबाव से बाजार में शुरू से ही बिकवाली हावी रही। रुपया आज पहली बार 90 रुपये प्रति डॉलर तक टूट गया।



सोमवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर में औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर घटकर 0.4 प्रतिशत रह गयी। दोनों कारकों से निवेश धारणा कमजोर हुई है। मझौली और छोटी कंपनियों में भी गिरावट रही। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.23 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 0.55 प्रतिशत टूट गया। एनएसई में कुल 3,202 कंपनियों के शेयरों में कारोबार हुआ उनमें से 2,007 के शेयर लाल निशान में और 1,083 के हरे निशान में बंद हुए जबकि शेष 112 के शेयर अंतत: अपरिवर्तित रहे। एनएसई के सूचकांकों में फार्मा को छोड़कर सभी में गिरावट रही। निजी बैंकों, वित्तीय सेवाओं, टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद, तेल एवं गैस और धातु समूहों में ज्यादा गिरावट रही।सेंसेक्स की 30 में से 21 कंपनियों के शेयर टूट गये जबकि अन्य नौ में तेजी रही। एक्सिस बैंक का शेयर 1.29 प्रतिशत, एचडीएफसी बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज के 1.25 प्रतिशत, आईसीआईसीआई बैंक का 1.24 और बीईएल का 1.01 प्रतिशत टूट गया। एलएंडटी, अडानी पोर्ट्स, आईटीसी, पावर ग्रिड, बजाज फिनसर्व, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा मोटर्स प्राइवेट लिमिटेड, भारतीय स्टेट बैंक, सनफार्मा और टाटा स्टील में भी गिरावट रही।

