
रांची। पड़हा राजा और अबुआ झारखंड पार्टी के केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष सोमा मुंडा हत्याकांड में संलिप्त दो शूटरों सुमित दगल सांड (20 ) एवं मारकुस संगा (20) सहित छह आरोपितों को गिरफ्तार कर पुलिस ने इस बहुचर्चित हत्याकांड में बड़ी सफलता हासिल की है। दोनों शूटर दिवंगत सोमा मुंडा के गांव मुंडा चलागी के निवासी हैं और उनके पड़ोसी भी। इसके अलावा पुलिस ने शूटरों को हत्या के लिए बाइक और हथियार उपलब्ध कराने वाले मुंडा चलागी गांव के ही दानियल सांगा (44) सहित बिरहु सरई टिकरा गांव के रोशन मिचयाड़ी (25), कपरिया गांव के संदीप खलखो (35 ) एवं मुंडा चलागी गांव के संतोष दगल सांड (32) को भी गिरफ्तार किया है। इनके पास से पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त एक देसी पिस्टल, चार जिंदा गोली, घटना और रेकी में प्रयुक्त दो पल्सर बाइक, एक टाटा टियागो कार, घटना के समय शूटरों की ओर से पहने गए जैकेट, हेलमेट, जूता, चप्पल सहित विभिन्न कंपनियों के कुल सात मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया है। गिरफ्तार आरोपितों ने पुलिस के समक्ष अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। यह जानकारी खूंटी एसपी मनीष टोप्पो ने बुधवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी।



एसपी ने बताया कि वर्तमान में हुटार चौक में रहने वाले गिरफ्तार आरोपित दानियल संगा का मुंडा चलागी गांव में स्थित 14 डिसमिल जमीन को लेकर दिवंगत सोमा मुंडा से विवाद चल रहा था। दिवंगत सोमा मुंडा उक्त जमीन पर बने पुराने घर से दानियल संगा को बेदखल करने का दबाव बना रहे थे। इसे लेकर दानियल संगा और उसके परिवार के लोग दिवंगत सोमा मुंडा से आक्रोशित थे। हाल के वर्षों में दानियल संगा कई चर्चित जमीन कारोबारियों के साथ मिलकर जमीन की खरीद बिक्री का काम कर रहा था। जमीन खरीद बिक्री के मामले में दिवंगत सोमा मुंडा की ओर से सीएनटी या मजियस जमीन का हवाला देकर बाधा उत्पन्न किया जा रहा था।
एसपी ने बताया इसी मामले में पूर्व में गिरफ्तार जमीन कारोबारी देवव्रत नाथ शाहदेव, पंकज कुमार शर्मा एवं चंदन यादव जियारप्पा गांव में खाली पड़े 30-32 एकड़ जमीन को स्थानीय जमीन कारोबारी के माध्यम से बेचने का प्रयास कर रहे थे, किंतु उस जमीन पर स्थानीय ग्राम सभा द्वारा कब्जा नहीं करने देने के कारण जमीन का बिक्री नहीं हो पा रहा था। इसे लेकर आरोपियों द्वारा जियारप्पा ग्राम सभा के अध्यक्ष बाहा मुंडा एवं सचिव देवा पाहन से मिलकर प्रति डिसमिल 10 हजार रुपये देकर जमीन पर कब्जा करने के प्रयास के दौरान जमीन पर गाड़े गए सिलापट्ट को उखाड़ दिया गया। दिवंगत सोमा मुंडा ने जमीन कारोबारियों के इस कार्रवाई का विरोध किया और तीन जनवरी को पड़हा के माध्यम से उक्त जमीन पर फिर से सिलापट्ट लगा दिया। इसी बात पर आरोपितों ने सोमा मुंडा की हत्या की साजिश रची।
बताया गया कि आरोपित दानियल संगा ने अपने भतीजे सुमित दगल सांड और संतोष दगल सांड के माध्यम से दिवंगत सोमा मुंडा से नाराज चल रहे मारकुस संगा से संपर्क कर उसे सोमा मुंडा को जान से मारने का प्रस्ताव दिया। इसके एवज में उसे 50 हजार रुपये दिया गया। आरोपित दानियल संगा ने ही अपने भतीजे सुमित को सोमा मुंडा की हत्या के लिए अपना पल्सर बाइक और हथियार भी उपलब्ध कराया। घटना के दिन सात जनवरी को आरोपितों को जब यह पता चला कि सोमा मुंडा अपनी पत्नी के साथ मोटरसाइकिल से खूंटी गए हैं, तो सुमित दगल सांड अपने सहयोगी मारकुस संगा के साथ खूंटी से सोमा मुंडा का रेकी और पीछा करते हुए जमुवादाग तालाब के पास इस हत्याकांड को अंजाम दिया।

