
मुंबई, 24 जुलाई (भाषा) : सरकार के वायदा एवं विकल्प पर प्रतिभूति लेनदेन कर बढ़ाने के प्रस्ताव के बाद बुधवार को शुरुआती कारोबार में प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट दर्ज की गई।



विदेशी पूंजी निकासी और वैश्विक बाजारों में कमजोर रुख ने भी घरेलू बाजारों के लिए परेशानी खड़ी की। बीएसई का 30 शेयर वाला सूचकांक सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 233.7 अंक गिरकर 80,195.34 अंक पर आ गया।
वहीं एनएसई निफ्टी 73.45 अंक फिसलकर 24,405.60 अंक पर रहा। सेंसेक्स में सूचीबद्ध कंपनियों में से हिंदुस्तान यूनिलीवर के शेयर में तीन प्रतिशत की गिरावट आई।
बजाज फाइनेंस, नेस्ले, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, अल्ट्राटेक सीमेंट, महिंद्रा एंड महिंद्रा और अदाणी पोर्ट्स के शेयर भी नुकसान में रहे। हालांकि, आईटीसी, टाटा मोटर्स, टेक महिंद्रा और एनटीपीसी के शेयर को मुनाफा हुआ।
एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की और हांगकांग का हैंगसेंग नुकसान में रहे, जबकि चीन का शंघाई कम्पोजिट फायदे में रहा। अमेरिकी बाजार मंगलवार को नकारात्मक रुख के साथ बंद हुए थे।
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) पूंजी बाजार में मंगलवार को बिकवाल रहे और शुद्ध रूप से 2,975.31 करोड़ रुपये की कीमत के शेयर खरीदे।
रुपये ने शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले सीमित दायरे में किया कारोबार
रुपया बुधवार को शुरुआती कारोबार में एक पैसे की गिरावट के साथ 83.70 रुपये प्रति डॉलर पर पहुंच गया। विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि मंगलवार को वित्त वर्ष 2024-25 के बजट में पूंजीगत लाभ कर में वृद्धि तथा ‘इंडेक्सेशन’ लाभों को हटाने की घोषणा डॉलर की खरीद का मुख्य कारण रही क्योंकि विदेशी निवेशकों ने शेयर बेचे हैं।
‘इंडेक्सेशन’ लाभों से तात्पर्य पूंजीगत लाभ कर की गणना के लिए सम्पति के मूल्य से मुद्रास्फीति को समायोजित करने की व्यवस्था समाप्त करना है। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनियम बाजार में रुपया 83.69 प्रति डॉलर पर खुला।
शुरुआती सौदों में 83.70 प्रति डॉलर पर पहुंच गया जो पिछले बंद भाव से एक पैसे की गिरावट दर्शाता है। रुपया मंगलवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 83.69 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

