
मुंबई: स्थानीय शेयर बाजारों में सोमवार को मामूली तेजी रही और बीएसई सेंसेक्स 23 अंक बढ़कर बंद हुआ। कारोबार के दौरान दोनों मानक सूचकांक रिकॉर्ड ऊंचाई पर चले गये थे लेकिन दैनिक उपयोग का सामान बनाने वाली कंपनियों (एफएमसीजी) और आईटी शेयरों में मुनाफावसूली से तेजी कायम नहीं रह पायी।



अमेरिकी फेडरल रिजर्व के इसी सप्ताह नीतिगत दर पर निर्णय से पहले निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया। तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 23.12 अंक यानी 0.03 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ अबतक के उच्चतम स्तर 81,355.84 अंक पर बंद हुआ। सूचकांक मजबूती के साथ खुला और अमेरिका में बॉन्ड प्रतिफल में गिरावट के कारण कारोबार के दौरान एक समय 575.71 अंक यानी 0.70 प्रतिशत बढ़कर 81,908.43 अंक पर चला गया था।
बाद में निवेशकों ने उच्च स्तर पर मुनाफावसूली को तरजीह दी। इससे सूचकांक नीचे आया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का सूचकांक निफ्टी भी 1.25 अंक यानी 0.01 प्रतिशत की नाममात्र की बढ़त के साथ 24,836.10 अंक के रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ।
कारोबार के दौरान यह 164.9 अंक यानी 0.66 प्रतिशत की बढ़त के साथ अपने उच्चतम स्तर 24,999.75 अंक तक चला गया था।
सेंसेक्स के शेयरों में लार्सन एंड टुब्रो सबसे ज्यादा 2.77 प्रतिशत मजबूत हुआ। कंपनी के 2,500 करोड़ रुपये से 5,000 करोड़ रुपये तक के नये बड़े ऑर्डर हासिल करने की घोषणा ने इसके शेयरों को मजबूती देने का काम किया।
अल्ट्राटेक सीमेंट 1.42 प्रतिशत मजबूत हुआ। कंपनी इंडिया सीमेंट में 32.72 प्रतिशत हिस्सेदारी लेने की घोषणा के बाद अल्ट्राटेक का शेयर चढ़ा।
इसके अलावा, बजाज फिनसर्व, महिंद्रा एंड महिंद्रा, अल्ट्राटेक सीमेंट, भारतीय स्टेट बैंक, इंडसइंड बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज और सन फार्मा प्रमुख रूप से लाभ में रहे।
दूसरी तरफ, टाइटन सर्वाधिक 2.38 प्रतिशत नुकसान में रही। इसके अलावा भारती एयरटेल, आईटीसी, कोटक महिंद्रा बैंक, टेक महिंद्रा और एचडीएफसी बैंक में भी प्रमुख रूप से गिरावट रही।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के खुदरा शोध प्रमुख दीपक जसानी ने कहा, ‘‘उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में निफ्टी लगभग स्थिर बंद हुआ। एशियाई शेयर बाजारों में सप्ताह की शुरूआत तेजी के साथ हुई। अमेरिका, ब्रिटेन तथा जापान में केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति समीक्षा से पहले यह तेजी आई।’’

