
जमशेदपुर। श्री गुरु नानक देव जी महाराज के 556वें प्रकाश पर्व की पूर्व संध्या पर साकची गुरुद्वारा साहिब आस्था, श्रद्धा और भक्ति के रंग में रंग गया। गुरुद्वारा परिसर को आकर्षक विद्युत सज्जा, पुष्प मालाओं और धार्मिक प्रतीकों से भव्य रूप से सजाया गया। मंगलवार को निशान साहिब का चोला बदला गया और अखंड पाठ साहिब की आरंभता की गई।



साकची गुरुद्वारा साहिब में निशान साहिब चोला बदलने की सेवा परंपरागत रूप से सरदार हरमीत सिंह, सरदार जगजीत सिंह, सरदार गुरमीत सिंह मंगू, सतनाम सिंह सत्ते और फतेह सिंह करते रहे हैं। चोला बदलने से पूर्व जत्थेदार ज्ञानी जरनैल सिंह ने गुरु चरणों में अरदास कर श्रद्धालुओं के कल्याण की प्रार्थना की।
इस अवसर पर प्रधान सरदार निशान सिंह, सरदार परमजीत सिंह काले, अजायब सिंह बरियार, सतनाम सिंह सिद्धू, जसबीर सिंह गांधी, सुरजीत सिंह छीते, सतनाम सिंह घुम्मन, सतपाल सिंह राजू, त्रिलोचन सिंह तोची, दलजीत सिंह, गुरपाल सिंह, मंजीत सिंह, जगजीत सिंह, मनमीत सिंह, मनोहर सिंह मित्ते और गुरप्रीत सिंह सहित संगत उपस्थित रही।
साकची गुरुद्वारा साहिब के प्रधान सरदार निशान सिंह ने बताया कि गुरु नानक देव जी के प्रकाशपर्व का यह पावन अवसर केवल उत्सव नहीं, बल्कि गुरु की शिक्षाओं को आत्मसात करने का संकल्प है। उन्?होंने कहा कि साकची गुरुद्वारा साहिब को श्रद्धा और सेवा की भावना से सजाया गया है। इसी क्रम में तीन दिवसीय भव्य कीर्तन दरबार का आयोजन 5, 6 और 7 नवंबर को किया जाएगा। दरबार साहिब अमृतसर के हजूरी रागी भाई साहिब भाई सरबजीत सिंह सुचेतगढ़ सिंह सहित पंथ के प्रसिद्ध रागी जत्थे इस समागम में कीर्तन की रसधारा प्रवाहित करेंगे।

