पटना। सरकारी टेंडरों में कमीशन और रिश्वत के खेल को लेकर गिरफ्तार ठेकेदार रिशुश्री को लेकर हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। जांच एजेंसियों के मुताबिक रिशुश्री सिर्फ टेंडर मैनेज नहीं करता था, बल्कि अफसरों की काली कमाई को ठिकाने लगाने का भी बड़ा नेटवर्क चला रहा था। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच में सामने आया है कि रिशुश्री अफसरों की अवैध कमाई को रियल एस्टेट और दूसरे निवेश के जरिए सफेद बनाने का काम करता था। एफआईआर के अनुसार रिशुश्री पहले मनचाही कंपनियों को सरकारी टेंडर दिलाने में मदद करता था। इसके बाद वह अपनी कंपनी को उसी प्रोजेक्ट में उपठेकेदार के रूप में शामिल करा लेता था।

जांच एजेंसियों का कहना है कि इसके जरिए फर्जी और बढ़े-चढ़े बिल बनाकर रिश्वत की रकम को सामान्य कारोबारी लेन-देन की तरह दिखाया जाता था।

नकद रिश्वत से लेकर निवेश तक का खेल : ईडी को मिली जानकारी के मुताबिक रिशुश्री अफसरों को रिश्वत की रकम नकद में पहुंचाता था। इसके साथ ही वह उस पैसे के निवेश और प्रबंधन की जिम्मेदारी भी संभालता था। जांच में यह भी सामने आया है कि कई वरिष्ठ अधिकारियों की संपत्तियों की देखरेख और निवेश का काम भी रिशुश्री के जरिए किया जाता था।

विदेशों में संपत्तियों की जांच तेज : ईडी के अनुसार रिशुश्री भारत ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी संपत्तियों और निवेश से जुड़ा हुआ था। जांच एजेंसी को शक है कि भ्रष्टाचार से कमाए गए पैसों को विदेशों में निवेश कर छिपाने का काम भी उसके नेटवर्क के जरिए किया गया।

दुबई और यूरोप की लगातार यात्राएं : छापेमारी के दौरान जब्त मोबाइल फोन और दस्तावेजों की जांच में पता चला कि पिछले पांच-छह वर्षों में रिशुश्री की विदेश यात्राएं अचानक बढ़ गई थीं। उसने दुबई और यूरोप के कई देशों की लगातार यात्राएं कीं और लंबे समय तक वहां ठहरा भी था।

कई विभागों के अफसर जांच के दायरे में : रिशुश्री के बयान और दस्तावेजों के आधार पर अब कई विभागों के अधिकारियों की भूमिका की जांच की जा रही है। जांच एजेंसियां जल संसाधन विभाग, नगर विकास विभाग, भवन निर्माण विभाग और बीएमएसआईएल से जुड़े अधिकारियों के वित्तीय लेन-देन खंगाल रही हैं।

सात-आठ साल में बनाई करोड़ों की संपत्ति : ईडी का दावा है कि रिशुश्री ने महज सात से आठ वर्षों में करोड़ों रुपये की संपत्ति खड़ी कर ली। दिल्ली-एनसीआर में बड़े पैमाने पर रियल एस्टेट निवेश के अलावा पटना और हाजीपुर में उसके दो पेट्रोल पंप होने की जानकारी भी सामने आई है।

लग्जरी कारों का भी शौकीन था रिशुश्री : जांच एजेंसियों को रिशुश्री के पास कई महंगी और लग्जरी गाड़ियों के दस्तावेज भी मिले हैं। इनमें पोर्शे मैकान, बीएमडब्ल्यू, डिस्कवरी स्पोर्ट, टोयोटा लैंड क्रूजर और बीएमडब्ल्यू आर नाइन टी स्क्रैम्बलर जैसी लग्जरी गाड़ियां शामिल हैं। ईडी के अनुसार अधिकांश लग्जरी गाड़ियों और संपत्तियों की खरीदारी 2022 से 2024 के बीच की गई थी। अब एजेंसी रिशुश्री के बैंक खातों, विदेश यात्राओं और संपत्ति निवेश से जुड़े सभी दस्तावेजों की गहराई से जांच कर रही है।

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