रांची। राज्य निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को शहरी निकाय चुनाव के लिए विभिन्न नगर निगम, नगर परिषद तथा नगर पंचायत के महापौर/अध्यक्ष का आरक्षण तय करते हुए आवंटन कर दिया है। इसके तहत रांची नगर निगम में महापौर का पद अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित किया गया है।

वहीं, धनबाद नगर निगम में महापौर का पद अनारक्षित है। दोनों पदों के लिए पुरुष एवं महिला दोनों चुनाव लड़ सकेंगे। रांची, धनबाद सहित नौ नगर निगमों में दो नगर निगम मेदिनीनगर और मानगो में महापौर का पद महिला के लिए आरक्षित किया गया है। साथ ही दोनों नगर निगम में महापौर का पद अनारक्षित किया गया है, जिसके तहत किसी भी श्रेणी का उम्मीदवार उक्त पद के लिए चुनाव लड़ सकता है।

आयोग ने झारखंड नगरपालिका अधिनियम, 2011 की धारा-27 एवं झारखंड नगरपालिका निर्वाचन एवं चुनाव याचिका नियमावली, 2012 के नियम-9 के उपनियम (2) के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह आरक्षण तय करते हुए आवंटन किया।

आयोग ने इसे लेकर अधिसूचना जारी करते हुए गजट प्रकाशन कर दिया। बताते चलें कि राज्य निर्वाचन आयोग फरवरी-मार्च माह में शहरी निकाय चुनाव की तैयारी कर रहा है। इसी माह चुनाव की घोषणा होने की संभावना है।

राजधानी रांची नगर निगम के महापौर का पद अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग के लिए आरक्षित रखा गया है। ऐसे में इस बार रांची नगर निगम से एसटी वर्ग के प्रत्याशी ही मेयर पद के लिए चुनाव लड़ सकेंगे। यह निर्णय राज्य में जनजातीय आबादी को प्रतिनिधित्व देने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

वहीं, धनबाद नगर निगम के महापौर का पद सामान्य वर्ग के लिए निर्धारित किया गया है। इसे अनारक्षित रखा गया है, जिससे सभी वर्गों के उम्मीदवार इस पद के लिए चुनाव मैदान में उतर सकेंगे। धनबाद जैसे बड़े औद्योगिक शहर में इस फैसले को राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

राज्य के अन्य नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पंचायतों में भी अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों के लिए एससी, एसटी, ओबीसी और महिला वर्ग के लिए आरक्षण तय किया गया है। आरक्षण का निर्धारण जनसंख्या, रोटेशन नीति और संवैधानिक प्रावधानों के आधार पर किया गया है।

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