पटना। नई दिल्ली में आयोजित एआई इंपैक्ट समिट एवं एक्सपो 2026 में बिहार को दनादन निवेश प्रस्ताव मिलना शुरू हो गए हैं। मंगलवार को इस समिट के दूसरे दिन बिहार सरकार ने तकनीक के क्षेत्र में 486 करोड़ रुपये के निवेश संबंधी एमओयू (समझौता पत्र) पर हस्ताक्षर किए। इसके तहत बिहार की राजधानी पटना में 250 करोड़ रुपये की लागत से एक रिसर्च पार्क की स्थापना की जाएगी। इसके अलावा, 60 करोड़ रुपये की लागत से बिहार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सेंटर आॅफ एक्सीलेंस भी स्थापित किया जाएगा। इस पहल से एआई के सेक्टर में 10 हजार से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की उम्मीद है। साथ ही 50 हजार से ज्यादा युवाओं को एआई आधारित स्किल डेवलेपमेंट का प्रशिक्षण दिया जाएगा। नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित पांच दिवसीय एआई समिट में देश और दुनिया भर की दिग्गज टेक कंपनियों और राष्ट्राध्यक्ष हिस्सा ले रहे हैं। बिहार सरकार ने भी भारत मंडपम में राज्य का पवेलियन लगाया है।

डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने मंगलवार को इस समिट में बिहार के पवेलियन का उद्घाटन किया। इस दौरान केंद्रीय पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। इसके अलावा बिहार की आईटी मंत्री श्रेयसी सिंह, उद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल और जेडीयू के राज्यसभा सांसद संजय भी मौजूद रहे।

डिप्टी सीएम सम्राट ने कहा कि भारत एआई के क्षेत्र में वैश्विक एजेंडा सेट कर रहा है। उसी तरह बिहार भी पूर्वोत्तर भारत का टेक्नोलॉजी हब बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

एआई इंपैक्ट समिट 2026 से बिहार को तकनीक के क्षेत्र में बड़े निवेश की उम्मीद है। बिहार सरकार दुनिया भर की कंपनियों से एमओयू करने में जुटी है। बिहार के इनोवेटर्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी कंपनियों से रूबरू हो रहे हैं। बिहार का राज्य निर्वाचन आयोग भी इस समिट में चुनावी प्रक्रिया में एआई आधारित नवाचारों का प्रदर्शन कर रहा है। इसमें एआई आधारित मतदान की प्रक्रिया और वरिष्ठ नागरिकों के लिए सुरक्षित वोटिंग की सुविधा को दिखाया जा रहा है।

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