
नयी दिल्ली: रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड चाहती है कि उसे सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनियों की पाइपलाइन और भंडारण (स्टोरेज) तक पहुंच मिले।



इन पाइपलाइन और स्टोरेज का निर्माण सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों ने पिछले कई साल में किया है।
इनका इस्तेमाल वे डिपो और तेल रिफाइनरी से हवाई अड्डों तक विमान ईंधन की आपूर्ति के लिए करती हैं। रिलायंस इन सुविधाओं तक पहुंच से एशिया के कुछ व्यस्त हवाई अड्डों पर ईंधन कारोबार में बड़ी हिस्सेदारी हासिल करना चाहती है।
देश के कुल विमान ईंधन (एटीएफ) उत्पादन में रिलायंस की हिस्सेदारी 25 प्रतिशत है। रिलायंस दिल्ली हवाई अड्डे के बाहर के स्टोरेज डिपो के अलावा मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद हवाई अड्डों तक जाने वाली पाइपलाइन तक पहुंच चाहती है।
सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों द्वारा की जाने वाली एटीएफ आपूर्ति की तुलना में फिलहाल रिलायंस की हिस्सेदारी काफी कम है।

