रांची । जेईई एडवांस्ड में रांची के शौर्य शेखर ने ऑल इंडिया रैंक (AIR) 414 हासिल कर झारखंड में पहला स्थान प्राप्त किया, जबकि स्नेहल राज सिंह ने AIR 635 के साथ राज्य में दूसरा स्थान हासिल किया है। दोनों छात्रों की इस उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार और शिक्षकों को गौरवान्वित किया है, बल्कि राज्य के अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का उदाहरण पेश किया है। स्टेट टॉपर शौर्य शेखर ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सबसे महत्वपूर्ण चीज निरंतरता और एकाग्रता है। उन्होंने कहा कि आज के समय में मोबाइल फोन विद्यार्थियों का सबसे बड़ा ध्यान भटकाने वाला माध्यम बन गया है। सोशल मीडिया, रील्स और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जरूरत से ज्यादा समय बिताने से पढ़ाई प्रभावित होती है। शौर्य के अनुसार, यदि विद्यार्थी अपने समय का सही प्रबंधन करें और मोबाइल का उपयोग केवल आवश्यक कार्यों तक सीमित रखें, तो बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।

स्नेहल राज सिंह का कहना है कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता. उन्होंने कहा कि कई छात्र यह सोचते हैं कि दिन में 12 से 14 घंटे पढ़ना ही सफलता का पैमाना है, जबकि वास्तविकता यह है कि पढ़ाई की गुणवत्ता अधिक महत्वपूर्ण होती है. यदि कोई छात्र कम समय भी पूरी एकाग्रता और सही दिशा में पढ़ाई करता है, तो वह बेहतर प्रदर्शन कर सकता है।

दोनों छात्रों ने इस बात पर जोर दिया कि जेईई जैसी परीक्षा केवल विषयों की जानकारी नहीं, बल्कि धैर्य, अनुशासन और मानसिक संतुलन की भी परीक्षा होती है. तैयारी के दौरान नियमित अभ्यास, मॉक टेस्ट और गलतियों का विश्लेषण उनकी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। उन्होंने कहा कि परीक्षा के दबाव के बीच सकारात्मक सोच बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है।

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