
रांची। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा रविवार को पेश किए गए वित्तीय वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट में झारखंड के लिए भी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। केंद्रीय बजट में किए गए प्रविधानों से न केवल झारखंड में स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार होगा, बल्कि पर्यटन का विकास होगा। केंद्रीय बजट में जहां उत्तर भारत में निमहांस-2 (राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य एवं तंत्रिका विज्ञान संस्थान) की स्थापना का उल्लेख किया गया।



वहीं असम के तेजपुर के साथ-साथ रांची के कांके स्थित भारतीय मनश्चिकित्सा संस्थान (सीआइपी) को रीजनल एपेक्स इंस्टीट्यूट में अपग्रेड करने की घोषणा की गई।
सीआइपी को निमहांस के रूप में विकसित करने की कई वर्षों से मांग उठती रही है। सीआइपी ने भी इसे लेकर केंद्र को प्रस्ताव दिया था। केंद्र सरकार राष्ट्रीय टेली-मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम शुरू करेगी, जिसके जरिए लोगों को फोन और डिजिटल प्लेटफार्म के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य परामर्श मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि देश में अवसाद, चिंता और तनाव से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। झारखंड भी इससे अछूता नहीं है। ऐसे में टेली-मेंटल हेल्थ काउंसलिंग और निमहांस-2.0 जैसे संस्थान उन लोगों के लिए राहत बन सकते हैं, जो अब तक विशेषज्ञ इलाज से दूर रहे हैं। हालांकि झारखंड में सीआइपी और रिनपास जैसे संस्थान पहले से हैं, ऐसे में रांची मानसिक स्वास्थ्य देखभाल में हब के रूप में विकसित हो सकती है।
केंद्रीय बजट में अगले पांच वर्ष में एक लाख स्वास्थ्य सेवा पेशेवर तैयार करने के लिए मौजूदा संस्थानों को अपग्रेड करने के साथ-साथ निजी तथा सरकार क्षेत्रों में नए संस्थानों की स्थापना की घोषणा की गई। झारखंड जैसे राज्य के लिए इसका अधिक लाभ मिलेगा, जहां स्वास्थ्य पेशेवरों की काफी कमी है। बजट में तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान की स्थापना की भी घोषणा की गई है।

