रांची। झारखंड के कांग्रेस ने पार्टी के युवा नेता प्रणव झा को उम्मीदवार बनाया है। इसके साथ ही यह तय हो गया है कि जेएमएम और कांग्रेस के बीच सीट शेयरिंग को लेकर आपसी सहमति बन गई है। उनकी हार-जीत में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की बड़ी भूमिका होगी। वहीं प्रणव झा के लिए कांग्रेस के सभी 16 विधायकों के अलावा जेएमएम के सरप्लस छह विधायकों का जरूरी होगा। इसके अलावा आरजेडी के चार और भाकपा माले के 2 विधायकों का समर्थन हासिल करनी भी जरूरी होगा। कांग्रेस के सभी 16, जेएमएम के 6, आरजेडी के 4 और माले के 2 विधायकों का समर्थन हासिल कर कांग्रेस जीत के लिए आवश्यक प्रथम वरीयता के 28 वोट प्राप्त कर सकती है।

राज्यसभा चुनाव में झारखंड से प्रणव झा को कांग्रेस उम्मीदवार बनाए जाने की घोषणा के बाद राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जेएमएम प्रमुख और सीएम हेमंत सोरेन से सहमति मिलने के बाद ही प्रणव झा को उम्मीदवार बनाए जाने का फैसला लिया गया। बताया जा रहा है कि हेमंत सोरेन और मल्लिकार्जुन खरगे के बीच दो दिन पहले दूरभाष पर भी बातचीत हुई थी। इस बीच कांग्रेस के झारखंड प्रभारी भी दो दिनों से झारखंड में कैंप कर रहे हैं और हेमंत सोरेन से भी वो लगातार संपर्क में है।

कौन है प्रणव झा? : कांगेस सचिव प्रणव झा मूल रूप से भागलपुर के कहलगांव के आनंदीपुर ग्राम के रहने वाले हैं। बोकारो से भी उनका नाता बताया जाता है। वे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकाजुर्न खरगे के काफी करीबी बताये जाते हैं और दिल्ली की राजनीति में कई वर्षो से सक्रिय है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव और संचार विभाग से जुड़े सीनियर नेता प्रणव झा के लिए यह एक बड़ा सांगठनिक इनाम माना जा रहा है। पार्टी संगठन में प्रणव झा की पहचान मीडिया मैनेजर की रही है। कांग्रेस उम्मीदवारों की सूची में प्रणव झा का नाम शामिल कर पार्टी ने संगठन, सामाजिक संतुलन और क्षेत्रीय राजनीति को साधने की कोशिश की है।

18 जून को होगा चुनाव : संसद के उच्च सदन की 24 सीट के लिए 18 जून को चुनाव होगा। राज्यसभा की इन सीटों के लिए चुनाव उन 10 राज्यों में होंगे जहां मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 21 जून से 19 जुलाई के बीच अलग-अलग तारीखों पर समाप्त हो रहा है।

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