
छात्रावास की व्यवस्था और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं में सुधार की मांग, चेयरमैन ने छात्रों से की वार्ता
रांची। राजधानी रांची के खेलगांव स्थित भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईआईटी) में बीटेक प्रथम वर्ष के छात्र आदित्य की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद विद्यार्थियों का आंदोलन सोमवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। छात्र-छात्राएं रातभर धरने पर बैठे रहे और सोमवार को दोबारा प्रदर्शन करते हुए संस्थान के प्रशासनिक भवन और आसपास के मार्गों को बाधित कर दिया। प्रदर्शनकारी संस्थान के निदेशक राजीव श्रीवास्तव के इस्तीफे, छात्रावास की व्यवस्था में सुधार और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाएं दुरुस्त करने की मांग पर अड़े हैं।
विद्यार्थियों ने संस्थान प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही और संवेदनहीनता का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि आदित्य की तबीयत बिगड़ने के दौरान एंबुलेंस में ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध नहीं था। बिजली गुल होने के कारण लिफ्ट भी बंद थी। छात्रों के मुताबिक, हॉस्टल के थर्ड-पार्टी केयरटेकर ने आदित्य को छूने तक से इनकार कर दिया। उनका यह भी आरोप है कि आपात स्थिति में मौके पर कोई योग्य चिकित्सक मौजूद नहीं था, जिसके कारण दूसरे वर्ष के छात्रों को खुद एंबुलेंस चलाकर अपने सहपाठी को अस्पताल ले जाना पड़ा। विद्यार्थियों का कहना है कि समय पर बेहतर चिकित्सा सहायता मिलती, तो स्थिति अलग हो सकती थी।
निदेशक के देर से पहुंचने पर भी नाराजगी
प्रदर्शनकारी छात्रों ने आरोप लगाया कि घटना के करीब 14 घंटे बाद निदेशक मौके पर पहुंचे। विद्यार्थियों ने यह भी दावा किया कि अपनी समस्याओं को लेकर आवाज उठाने वाले छात्रों को कुछ संकाय सदस्यों की ओर से अनुशासनात्मक कार्रवाई की धमकी दी जा रही है। इन आरोपों को लेकर छात्रों में काफी आक्रोश है।
छात्रों ने संस्थान में अत्यधिक अकादमिक दबाव, मानसिक स्वास्थ्य परामर्शदाता की अनुपलब्धता, प्राथमिक चिकित्सा सुविधाओं और बुनियादी दवाओं की कमी के साथ कैंटीन एवं सुरक्षा व्यवस्था में कथित कुप्रबंधन का मुद्दा भी उठाया है। उनका कहना है कि संस्थान में विद्यार्थियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
चेयरमैन ने की वार्ता, निदेशक को बुलाने का आश्वासन
आंदोलन की गंभीरता को देखते हुए सोमवार को संस्थान के चेयरमैन धरनास्थल पर पहुंचे और प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों से बातचीत की। उन्होंने छात्रों को संकाय सदस्यों के साथ बैठक कर समस्याओं का समाधान निकालने का प्रस्ताव दिया, लेकिन विद्यार्थियों ने इसे स्वीकार नहीं किया। छात्र सीधे निदेशक से बातचीत करने और उनके इस्तीफे की मांग पर अड़े रहे। इसके बाद चेयरमैन ने निदेशक को वार्ता के लिए बुलाने का आश्वासन दिया।
खेलगांव चौक जाम करने की चेतावनी
मामले को लेकर पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर तैनात है। छात्र की मौत के कारणों और विद्यार्थियों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच जारी है। मृतक आदित्य बिहार के नवगछिया, भागलपुर का निवासी था।
प्रदर्शनकारी छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया और निदेशक के इस्तीफे पर पहल नहीं हुई, तो वे खेलगांव चौक जाम कर व्यापक यातायात बाधित करेंगे। फिलहाल संस्थान परिसर में तनाव का माहौल बना हुआ है और सभी की नजरें प्रबंधन तथा विद्यार्थियों के बीच होने वाली अगली वार्ता पर टिकी हैं।
