
पटना। पीएम नरेंद्र मोदी का इस बार का बिहार आगमन विधानसभा चुनाव का आगाज साबित होने जा रहा है। पीएम मोदी की सौगात की पोटली तो एक तरफ भीड़ का भी सौगात देने की तैयारी पूरी है। इस बार बिक्रमगंज की सभा आगामी बिहार विधान सभा चुनाव के संदर्भ में उपस्थित भीड़ एक अलग तरह की नजीर साबित होने जा रही है। होने यह जा रहा है कि बिक्रमगंज की यह भीड़ स्वतः स्फूर्त भीड़ है, जो भाजपा नेताओं के द्वारा नहीं बल्कि राष्ट्रवाद के चितेरे द्वारा जुटाई जा रही है।



स्वागत में लगे ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से जुड़े पोस्टर : प्रधानमंत्री मोदी के आगमन और उनके भव्य स्वागत को लेकर एनडीए के नेताओं और कार्यकर्ताओं में उत्साह है। बिहार की राजधानी पटना में पीएम मोदी के स्वागत की तैयारी हो रही है। यहां पीएम एक रोड शो भी करेंगे। पीएम मोदी के स्वागत के लिए पटना की सड़कों के किनारे तरह-तरह के पोस्टर लगाए जा रहे हैं। लेकिन सबसे खास पोस्टर भाजपा प्रदेश कार्यालय के सामने लगाया गया है जो सभी आने-जाने वालों का ध्यान खींच रहा है। इस बड़े पोस्टर में प्रधानमंत्री मोदी की बड़ी तस्वीर है और ऑपरेशन सिंदूर की चर्चा की गई है। भाजपा प्रदेश कार्यालय के सामने लगे एक पोस्टर में नारा लिखा गया है, “ना देश झुकेगा, ना बिहार का विकास रुकेगा।”
दूसरे पोस्टर में लिखा है- “जो सिंदूर मिटाने निकले थे, उन्हें मिट्टी में मिलाया है।”
पीएम नरेंद्र मोदी के इस दो दिवसीय (29 और 30 मई) दौरे में बिहार को 50 हजार करोड़ रुपये के योजनाओं का सौगात मिलने जा रहा है। इन सौगातों में पटना के जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा के नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन पीएम मोदी करने जा रहे हैं। इसके निर्माण पर 12 सौ करोड़ रुपये की लागत आई है। साथ इसके पीएम बिहटा में बनने वाले एयरपोर्ट का शिलान्यास करेंगे, जिसके लिए 542 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। औरंगाबाद जिले के नबीनगर में 29947.91 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले सुपर थर्मल पावर प्लांट की आधारशिला भी पीएम रखने जा रहे हैं। पीएम मोदी 30 मई को 3712 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले पटना-सासाराम एक्सप्रेसवे का शिलान्यास करेंगे। पीएम मोदी बक्सर और उत्तर प्रदेश के भरौली के बीच बनने वाले पुल का शिलान्यास करेंगे। यह पुल पूर्वांचल और ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को सीधे जोड़ेगा। इसके निर्माण पर करीब 368 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
तिरंगा यात्रा की एक झलक दिखाई पड़ सकती है : हालांकि तिरंगा यात्रा का समापन हो गया है। पर बिक्रमगंज की जनसभा में कुछ नए अंदाज में तिरंगा यात्रा का जलवा दिखेगा। भीड़ के साथ बिक्रमगंज की सभाओं में गाड़ियों पर आने वाली भीड़ तिरंगा के साथ अपना दम खम दिखने जा रही है। लाभ यह है कि तिरंगा झंडा लगी गाड़ियों से आने वाले लोग भाजपा नेताओं द्वारा जुटाई गई भीड़ का हिस्सा नहीं होंगे। ये वह भीड़ होगी जिन्हें राष्ट्र और राष्ट्रवाद की चिंता है। भाजपा के स्थानीय नेताओं द्वारा उन्हें कोई सुविधा नहीं दी जाएगी बल्कि राष्ट्रवाद की नीति का समर्थन करते ये स्वयं अपने संसाधन से बिक्रमगंज भीड़ की शोभा बनेंगे।
जदयू नेताओं ने भी लगाई ताकत : पीएम नरेंद्र मोदी की जनसभा को ऐतिहासिक बनाने के लिए एनडीए नेताओं ने भी अपनी पूरी ताकत झोंक दी। जदयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष व केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन उर्फ लालन सिंह ने भी बिक्रमगंज की जनसभा को संबोधित करते यहां की जनता से इस रैली को ऐतिहासिक बनाने की मांग की। केंद्रीय मंत्री ने जनता तक अपने संदेश पहुंचाने के लिए भोजपुरी भाषा का इस्तेमाल करते हुए बताया भी कि क्यों इस रैली को स्वतःस्फूर्त बड़ी रैली में तब्दील करना है। इस रैली का एक स्वर ही होगा राष्ट्रवाद के नाम पर जुटी भीड़।

