
नई दिल्ली। विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विभाजन के दौरान प्रभावित हुए लोगों के साहस और संघर्ष को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों से उबरकर लाखों लोगों ने अपने जीवन को फिर से खड़ा किया और देश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा कि विभाजन का दौर इतिहास का ऐसा अध्याय था, जिसने कई जिंदगियों को प्रभावित किया। परिवार उजड़ गए, लोगों ने अपनों को खोया और उन्हें गहरा दुख सहना पड़ा। इसके बावजूद लोगों ने हिम्मत नहीं हारी और शून्य से अपना जीवन दोबारा शुरू किया।
उन्होंने कहा कि विभाजन से प्रभावित लोगों की जीवन-यात्रा मानव साहस और संघर्ष की शक्ति की प्रेरणादायक मिसाल है। प्रधानमंत्री ने देशवासियों से आपसी सद्भाव, भाईचारे और एकजुटता की भावना को और मजबूत करने का आह्वान किया।
पीएम मोदी ने कहा कि सभी को मिलकर ‘विकसित भारत’ के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने विभाजन की त्रासदी से प्रभावित सभी देशवासियों को नमन करते हुए कहा कि उनके साहस और सामर्थ्य ने विपरीत परिस्थितियों में भी संकल्पों को पूरा करने की प्रेरणा दी।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत सुभाषित भी साझा किया। उन्होंने लिखा- “उद्यमस्य प्रसादेन दृश्यन्ते विविधाः कलाः। कातरा एव जल्पन्ति यद् भाव्यं तद् भविष्यति।” इसके माध्यम से उन्होंने परिश्रम, पुरुषार्थ और निरंतर प्रयास के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मनुष्य को भाग्य के भरोसे बैठने के बजाय साहस और कर्मठता के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ना चाहिए।

