
पटना। दानापुर रेल मंडल में मोकामा-बाढ़ रेलखंड पर शुक्रवार को दिनदहाड़े पाटलिपुत्र एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 18622) के एसी कोच बी-5 से खींचकर कोच अटेंडेंट का अपहरण कर लिया गया। आधा दर्जन अपराधियों ने बाढ़ स्टेशन के आउटर सिग्नल को लाल कर ट्रेन को रोक लिया था। भागने के क्रम में अपराधियों ने दशहत फैलाने के लिए फायरिंग भी की। दिनदहाड़े अपहरण की खबर से रेलवे महकमे में हड़कंप मच गया। आरपीएफ, जीआरपी और दोनों थानों की पुलिस इलाके की घेराबंदी कर सभी संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है।



घटना के पीछे शराब तस्करों पर भी संदेह है। हालांकि, आरपीएफ इंस्पेक्टर ने गोली चलने की घटना से इनकार किया है। रेल डीएसपी (पूर्वी) ने बताया कि रेलकर्मी को सकुशल मुक्त कराने के लिए सभी संभावित स्थानों दबिश दी जा रही है।
हटिया स्टेशन से चली ट्रेन : कोच अटेंडेंट की पहचान राकेश कुमार के रूप में हुई। बताया जा रहा है कि वह पश्चिम बंगाल के चितरंजन के रहने वाले हैं। वह पाटलिपुत्र एक्सप्रेस के एसी कोच में अटेंडेंट हैं। गुरुवार की रात 10 बजे पाटलिपुत्र एक्सप्रेस हटिया स्टेशन से चली थी। शुक्रवार को पटना जंक्शन पहुंचने बाढ़ के पहले शहरी हाल्ट के पास अपराधियों ने सुनियोजित ढंग से पटरी पर सिक्का रखकर कर सिग्नल लाल कर दिया। जैसे ही ट्रेन रुकी पांच छह अपराधी ट्रेन में घुस गए और राकेश को जबरन नीचे खींच लिया।
सूत्रों की मानें तो अपहरण में अपराधियों ने हथियार का भी इस्तेमाल किया। अपहरण के बाद भागने के क्रम में हवाई फयरिंग भी की। बताया जा रहा है कि अपहरणकतार्ओं ने घटना को अंजाम देने के लिए वाहन का भी इस्तेमाल किए। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना तत्काल दानापुर कंट्रोल रूम को दी गई, जिसके बाद रेलवे और स्थानीय पुलिस में हड़कंप मच गया। दानापुर रेलवे मंडल के वरीय मंडल सुरक्षा आयुक्त उदय सिंह पवार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि रेलकर्मी की सुरक्षित बरामदगी के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। रेलवे पुलिस के पूर्वी क्षेत्र के डीएसपी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई है, जो आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान चला रही है।

