
पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उनके राज्यसभा जाने के निर्णय से मर्माहत पार्टी के विधायकों व सांसदों को भरोसा दिया कि दिल्ली में रहने के बाद भी राज्य में संगठन और सरकार पर उनकी नजर रहेगी। उन्होंने शुक्रवार की शाम मुख्यमंत्री आवास (एक अणे मार्ग) में आयोजित एक बैठक को संबोधित किया।



इस दौरान उन्होंने जदयू विधायकों को समझाया कि उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है। संगठन और सरकार दोनों पर उनकी नजर रहेगी। सभी लोगों के साथ उनका संवाद कायम रहेगा। इस बैठक में सभी विधायकों ने सामूहिक रूप से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत को सक्रिय राजनीति में लाए जाने की मांग की।
इस पर मुख्यमंत्री ने स्वयं तो कुछ नहीं कहा पर जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा ने कहा कि निशांत सक्रिय राजनीति में आएंगे। इस पर उनसे बात हो चुकी है। जदयू की सदस्यता ग्रहण करने के बाद वह जिलों का दौरा कर लोगों के साथ जनसंवाद भी करेंगे।
मुख्यमंत्री ने भावुक हुए जदयू विधायकों को समझाया कि वह हमेशा उपलब्ध रहेंगे। दिल्ली में भी बैठेंगे और जरूरत पड़ी तो पटना में भी रहेंगे। खुद के राज्यसभा जाने की बात को भी अपने विधायकों को मुख्यमंत्री ने समझाया। उन्होंने कहा कि काफी पहले से उनकी इच्छा राज्यसभा जाने की थी। वह अपनी मर्जी से जा रहे। हमारा नेतृत्व जदयू को मिलता रहेगा। जहां भी जरूरत पड़ेगी वह मौजूद रहेंगे। अपने इस निर्णय के बारे में वह पार्टी के लोगों को बताना जरूरी समझते हैं।
संजय झा ने बैठक में मौजूद विधायकों को उन्होंने कहा कि निशांत जिले और विधानसभा क्षेत्रों का दौरा करेंगे। इस दौरान वह लोगों से बातचीत भी करेंगे। जो विधायक अपने क्षेत्र में निशांत को ले जाना चाहते हैं वह तैयारी करें। इस कार्यक्रम के पहले वह जदयू की सदस्यता ग्रहण करेंगे।
बैठक के आरंभ में जदयू के वरिष्ठ नेता व जल संसाधन मंत्री विजय चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री के दिल्ली जाने को ले हम सभी मर्माहत हैं। पूरे प्रदेश के कार्यकर्ता दुखी हैं। पर मुख्यमंत्री स्वेच्छा से जा रहे। इस बैठक में ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, परिवहन मंत्री श्रवण कुमार, जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा और केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने भी अपने विचार रखे।

