
रांची। झारखंड हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस रामचंद्र राव और जस्टिस दीपक रोशन की खंडपीठ में शहर के दो रूफटॉप बार और रेस्टोरेंट को बंद करने को लेकर रांची नगर निगम के आदेश के खिलाफ दाखिल याचिका पर मंगलवार को सुनवाई हुई। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने रांची नगर निगम के आदेश को निरस्त कर दिया। अदालत ने कहा कि नगर निगम वैसे मामले में ही कार्रवाई कर सकती है, जिसकी संरचना से दुर्घटना की संभावना है। इस संबंध में ग्रीका किचन एवं बार और प्राना लाउंज की ओर से हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। नगर निगम ने दोनों पर अवैध निर्माण का आरोप लगाकर रूफटॉप बार एंड रेस्टोरेंट बंद करने का आदेश दिया था।



सुनवाई के दौरान प्रार्थियों की ओर से अधिवक्ता अमृतांश वत्स ने अदालत को बताया कि दोनों बार एवं रेस्टोरेंट जिस भवन में चल रहे हैं, उसका नक्शा रांची नगर निगम से स्वीकृत है। रूफटॉप पर केवल बार एवं रेस्टोरेंट संचालित है। जहां कुर्सी टेबल के अलावा अस्थाई संरचना बनाई गई है।
इसका किचन और स्टोर स्वीकृत नक्शा के अंदर संचालित है। दोनों रेस्टोरेंट अग्निशमन सुरक्षा के मापदंड को पूरा कर रहे हैं। विभाग से भी इन्हें अनापत्ति प्रमाण पत्र लिया है। फूड सेफ्टी लाइसेंस, बार लाइसेंस आदि भी सक्षम पदाधिकारी से प्राप्त है। रांची नगर निगम के पास रूफटॉप बार एवं रेस्टोरेंट के संचालन को लेकर कोई नियमावली नहीं है। 24 फरवरी को रांची नगर निगम रूफ टॉप बार रेस्टोरेंट को लेकर एक ड्राफ्ट नियमावली बनाई है। इसपर लोगों से आपत्ति मांगी गई है।
दोनों रूफटॉप बार एवं रेस्टोरेंट ने म्यूनिसिपल एक्ट 2011 और बिल्डिंग बायलाज 2016 का उल्लंघन नहीं किया है, इसलिए रांची नगर निगम द्वारा इनको बंद करने का आदेश अनुचित है। जिसे निरस्त किया जाना चाहिए। इसके बाद अदालत ने रांची नगर निगम के उक्त आदेश को निरस्त कर दिया।

