
रांची। रांची विश्वविद्यालय में लंबे समय से जारी शैक्षणिक अव्यवस्थाओं और सत्र में हो रही देरी को लेकर सोमवार को छात्रों का आक्रोश फूट पड़ा। विभिन्न छात्र संगठनों, विशेषकर NSUI के नेतृत्व में बड़ी संख्या में छात्र विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन पहुंचे और जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान छात्रों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और मांगों को लेकर धरने पर बैठ गए।छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली अब उच्च शिक्षा के मानकों के अनुरूप नहीं रह गई है। लगातार लेट चल रहे सत्र के कारण उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है। समय पर डिग्री और अंकपत्र नहीं मिलने से उन्हें रोजगार और आगे की पढ़ाई में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष विनय उरांव ने कहा कि विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।



उन्होंने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन को राज्यव्यापी स्तर पर विस्तारित किया जाएगा।छात्र संगठनों ने प्रशासन के समक्ष कई प्रमुख मांगें रखीं। इनमें लंबित सत्रों को नियमित करना, सेमेस्टर परीक्षाओं का शीघ्र कार्यक्रम जारी करना और पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना शामिल है। साथ ही सेमेस्टर-1 के परिणाम में कथित गड़बड़ी की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग भी उठाई गई।छात्रों ने उत्तर पुस्तिकाओं के गायब होने की घटनाओं पर भी चिंता जताई और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
उन्होंने UGC के दिशा-निर्देशों के अनुसार शिक्षकों व कर्मचारियों के रिक्त पदों को भरने, प्रशासनिक पदों पर स्थायी नियुक्ति करने तथा ‘एक व्यक्ति, एक पद’ नियम लागू करने की मांग की।इसके अलावा छात्रों ने विश्वविद्यालय के कॉलेजों में बुनियादी सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया। उनका कहना है कि कई संस्थानों में गर्ल्स कॉमन रूम, स्वच्छ पेयजल, शौचालय, पुस्तकालय, प्रयोगशाला, वाई-फाई और स्मार्ट क्लास जैसी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं।साथ ही सत्र 2017-20 और 2018-21 के छात्रों की स्पेशल परीक्षा के परिणाम जल्द जारी करने की मांग भी की गई। छात्र नेताओं ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा। फिलहाल विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
