
रांची। अब कोई जमीन खरीदने के बाद मालिकाना हक के लिए लोगों को दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं होगी। बार कोड के माध्यम से घर बैठे रसीद कटाने की सुविधा राज्य सरकार उपलब्ध कराने जा रही है। यह जानकारी समीक्षा बैठक के क्रम में राजस्व मंत्री दीपक बिरुआ ने दी है।उन्होंने विभागीय सचिव के साथ वर्चुअल समीक्षा बैठक के क्रम में निर्देश देते हुए कहा कि लोगों को अपनी ही जमीन की रसीद कटाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते हैं जो कि बहुत ही शर्मनाक स्थिति है, इसलिए राज्यवासियों को बार कोड की सुविधा मिलेगी जिसके माध्यम से लोग अब मोबाइल से ही अपनी जमीन की रसीद कटा सकेंगे।



राइट सर्विस एक्ट के दायरे में आएगा म्यूटेशन : बैठक के बाद राजस्व मंत्री दीपक बिरुआ ने कहा कि जमीन संबंधित मुद्दों पर आमजनों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए राजस्व संग्रहण किया जाए, इसलिए म्यूटेशन समेत अन्य कार्यों को राइट सर्विस एक्ट के दायरे में लाने का निर्देश उन्होंने दिया। इससे आम लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी और सरकार का राजस्व बढ़ेगा। बैठक में चाईबासा आयुक्त ने जिले की कंपनियों पर दो हजार करोड़ राशि बकाया होने का मुद्दा उठाया। मंत्री ने इस मामले पर तत्काल संज्ञान लेते हुए आगे की कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे कई मामले हैं जिससे राज्य सरकार के राजस्व में बढ़ोतरी होगी।
मंत्री ने समीक्षा के क्रम में निर्देश दिया कि सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने की अविलंब कार्रवाई करते हुए अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाए। बैठक के दौरान म्यूटेशन के लंबित मामलों पर भी मंत्री ने संज्ञान लिया और आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने राजस्व संग्रहण की प्रक्रिया को सरल बनाने के साथ-साथ खासमहल जमीन के रिन्युअल कराने के सुझाव पर अमल करने को भी कहा। सैरात की वसूली को सुविधाजनक बनाने के अलावा नीलामपत्र वाद के निष्पादन को लेकर भी कई निर्देश दिए।
इस दौरान विभागीय सचिव चंद्रेशखर के अलावा विशेष सचिव शशिप्रकाश झा, रांची के प्रमंडलीय आयुक्त अंजनी मिश्रा, हजारीबाग के पवन कुमार, पलामू के आयुक्त बालकिशुन मुंडा, दुमका आयुक्त लालचंद दादेल और चाईबासा के आयुक्त हरिप्रसाद केसरी मौजूद थे।

