पटना। यातायात नियमों के उल्लंघन पर अभी तक शहरी इलाकों में ही कैमरों से चालान काटा जा रहा है, मगर जल्द ही ग्रामीण इलाकों से गुजरने वाली सड़कों पर भी कैमरे की मदद से चालान काटा जाएगा। इसके साथ सुदूर राष्ट्रीय और राजकीय राजमार्गों (एनएच एवं एसएच), बड़े पुलों के दोनों छोर और ब्लैक स्पॉट के रूप में चिह्नित सर्वाधिक दुर्घटना वाली जगहों पर भी कैमरों से चालान कटेगा।

परिवहन विभाग इसके लिए पूरे राज्य में पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर अत्याधुनिक इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) लागू करने जा रहा है। इस पूरी परियोजना पर राज्य सरकार की कोई भी राशि खर्च नहीं होगी। जो एजेंसी आइटीएमएस के तहत कैमरे और अन्य उपकरण लगाएगी, उसे ई-चालान का एक हिस्सा कमीशन के रूप में दिया जाएगा। इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

बिहार देश का पहला ऐसा राज्य है, जहां इतने बड़े स्तर पर आइटीएमएस लागू किया जा रहा है। बुधवार को सूचना भवन के संवाद कक्ष में आयोजित प्रेस वार्ता में परिवहन विभाग के मंत्री दामोदार रावत एवं सचिव राजकुमार ने यह जानकारी दी। आईटीएमएस परियोजना के पहले चरण में राज्य के 200 महत्वपूर्ण स्थलों जबकि दूसरे चरण में 300 स्थलों को इसके दायरे में लाया जाएगा। पूरी परियोजना की निगरानी के लिए पटना में राज्यस्तरीय ट्रैफिक मैनेजमेंट सेंटर बनाया जाएगा, जबकि सभी 38 जिलों में निगरानी केंद्र बनाए जाएंगे।

आईटीएमएस के माध्यम से ओवरस्पीड, रेड लाइट जंपिंग, बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट, मोबाइल फोन का उपयोग करते वाहन संचालन, गलत दिशा में वाहन चलाने, ट्रिपल राइडिंग, अनाधिकृत पार्किंग जैसे यातायात नियमों के उल्लंघन पर ई-चालान निर्गत होगा।इसके अलावा फिटनेस, बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र, परमिट एवं अन्य दस्तावेजों से संबंधित ई-डिटेक्शन की सुविधा भी उपलब्ध होगी।

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