
नई दिल्ली। बिहार के युवा नेता और पूर्व मंत्री नितिन नवीन भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष होंगे, यह तो पहले ही लगभग तय हो चुका था, लेकिन सोमवार को इसकी औपचारिकता भी पूरी हो जाएगी। नामांकन दाखिल करने से लेकर नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया इसी दिन पूरी होगी। चूंकि इस पद के लिए वर्तमान कार्यकारी अध्यक्ष ही अकेले प्रत्याशी मैदान में होंगे और ऐसे में वोटिंग की आवश्यकता ही नहीं पड़ेगी और नवीन को भाजपा अध्यक्ष घोषित कर दिया जाएगा।
भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर मंगलवार को नितिन नवीन निवर्तमान अध्यक्ष जेपी नड्डा का स्थान ले लेंगे। भाजपा के नए अध्यक्ष के लिए महीनों से चल रही अटकलों को भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के विराम देते हुए ऐसा कदम उठाया कि सभी हैरत में पड़े रह गए। पार्टी ने बिहार सरकार में पथ निर्माण मंत्री का दायित्व संभाल रहे मात्र पांच बार के विधायक 45 वर्षीय नितिन नवीन को अचानक 14 दिसंबर, 2025 को कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित कर दिया।
इसके साथ ही यह माना जाने लगा कि पार्टी इन्हें ही स्थायी अध्यक्ष बनाते हुए भविष्य के लिए पार्टी संगठन को युवा ऊर्जा से लैस करना चाहता है। नितिन नवीन को यह दायित्व ऐसे समय में मिलने जा रहा है, जब उनके सामने बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी के विधानसभा चुनाव हैं। इनमें बंगाल, असम और तमिलनाडु का चुनाव बहुत महत्वपूर्ण और चुनौतीपूर्ण भी है। निस्संदेह अपने दायित्व और चुनौतियों को समझते हुए नितिन नवीन ने कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में ही इन राज्यों में दौरा करते हुए संगठनात्मक गतिविधियों में अपनी सक्रियता बढ़ा दी। अब पार्टी का चुनावी प्रदर्शन उनके रणनीतिक कौशल से जोड़कर देखा जाएगा। यह सब लगभग तय है, लेकिन पार्टी संविधान के अनुरूप चुनावी प्रक्रिया की औपचारिकताएं पूरी की जानी हैं। चुनाव की अधिसूचना 16 जनवरी को पार्टी के राष्ट्रीय रिटर्निंग अफसर के. लक्ष्मण की ओर से जारी की गई। इसके तहत 19 जनवरी यानी सोमवार को दोपहर दो से शाम चार बजे तक नामांकन, चार से पांच बजे तक नामांकन पत्रों की जांच और शाम पांच से छह बजे के बीच नामांकन वापस लेने का समय निर्धारित है।
इसके बाद शाम 6.30 बजे चुनाव अधिकारी द्वारा नामांकन के संबंध में प्रेस वक्तव्य जारी किया जाएगा। यदि मतदान आवश्यक हो तो उसके लिए मंगलवार को प्रात: 11.30 से दोपहर 1.30 बजे तक का समय निर्धारित किया गया है। हालांकि, इसकी संभावना न के बराबर है और नामांकन की प्रक्रिया पूरी होते ही अकेले प्रत्याशी के रूप में नितिन नवीन का सोमवार निर्विरोध अध्यक्ष चुना जाना लगभग तय है।
