
रांची। झारखंड में एनडीए का बढ़ेगा कुनबा। एनडीए के फिलवक्त दो ही सहयोगी हैं। भाजपा के साथ आजसू पार्टी है। भाजपा झारखंड में छोटे दलों को भी अपने साथ जोड़ना चाहती है। इस क्रम में झारखंडी भाषा खतियान संघर्ष समिति (जेबीकेएसएस) के प्रमुख जयराम महतो को भाजपा ने आॅफर भी दिया है। झारखंड पार्टी (झापा) के कार्यकारी अध्यक्ष अजीत कुमार ने इस्तीफा दे दिया है। उन्हें भाजपा में जाने की चर्चा है। हालांकि उन्होंने अभी तक इसकी पुष्टि नहीं की है, लेकिन ऐसी किसी संभावना से इनकार भी नहीं किया है। जयराम महतो के नेतृत्व वाले जेबीकेएसएस ने हाल ही संपन्न लोकसभा चुनाव में अपने पहले ही प्रयास में कमाल दिखा दिया है। वोटों के मामले में भाजपा, कांग्रेस और जेएमएम के आसपास जेबीकेएसएस खड़ा हो गया है। भाजपा का जेबीकेएसएस के प्रति आकर्षण की मूल वजह भी यही बताई जा रही है। झारखंड पार्टी का कोई कमाल अभी तक तो नहीं दिखा है।



सीटों के बंटवारे पर चर्चा शुरू : इधर जल्द से जल्द उम्मीदवारों के नाम घोषित करने के लिए भाजपा और आजसू पार्टी ने सीट शेयरिंग पर चर्चा शुरू कर दी है। आजसू प्रमुख सुदेश महतो अपने सीनियर लीडर देवशरण भगत के साथ दिल्ली पहुंचे हुए हैं। वहां भाजपा नेताओं से वे सीट बंटवारे पर चर्चा करेंगे। आजसू पार्टी ने पिछली बार स्वतंत्र रूप से 25 सीटों पर चुनाव लड़ा था। हालांकि दो सीटों पर ही उसे कामयाबी मिली। 2019 के लोकसभा चुनाव तक भाजपा और आजसू पार्टी साथ थे, लेकिन उसी साल बाद में हुए विधानसभा चुनाव में सीटों के बंटवारे पर बात नहीं बनी तो आजसू पार्टी ने अलग लड़ने का फैसला किया। हालांकि बाद में भाजपा के साथ आजसू पार्टी हमेशा खड़ा रहा है। इस बार भी लोकसभा चुनाव में आजसू पार्टी और भाजपा साथ रहे हैं। विधानसभा चुनाव में पिछली बार की स्थिति से बचने के लिए ही दोनों पार्टियां सीट बंटवारे का लफड़ा जल्द सुलझा लेना चाहती हैं।
अगस्त में जारी हो सकती उम्मीदवारों की सूची : भारतीय जनता पार्टी अगस्त तक अपने 30 उम्मीदवारों की सूची जारी करने की तैयारी में है। इनमें आरक्षित 28 सीटों के अलावा कुछ जनरल कैटेगरी की सीटें भी हैं। पिछली बार आरक्षित सीटों में सिर्फ दो पर ही भाजपा उम्मीदवारों की जीत हुई थी। आरक्षित सीटों पर भाजपा का खास फोकस है। खासकर उन 26 सीटों पर, जहां भाजपा उम्मीदवारों को हार का सामना करना पड़ा था। इस क्रम में भाजपा के सह चुनाव प्रभारी असम के सीएम हिमंता विश्व सरमा ने आदिवासी बड़े नेताओं से उनके घर जाकर मुलाकात भी की है। उन्हें चुनाव लड़ने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा के अलावा जेएमएम से भाजपा में आकर लोकसभा का चुनाव लड़ चुकीं सीता सोरेन, कांग्रेस से आकर लोकसभा का चुनाव लड़ने वाली गीता कोड़ा समेत कई और दिग्गज भी इस बार चुनाव मैदान में दिख सकते हैं। इनमें कुछ तो वैसे चेहरे भी होंगे, जिन्हें पार्टी ने अभी तक किनारे रखा है। ऐसे नेताओं की सहमति भी हिमंता उनसे मिल कर ले चुके हैं।

