नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा फैसला हुआ है। कैबिनेट ने 50,655 करोड़ रुपये की लागत से 936 किलोमीटर लंबी आठ महत्वपूर्ण नेशनल हाई स्पीड रोड कॉरिडोर परियोजनाओं को मंजूरी दी है। रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी।

कैबिनेट के फैसले का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने एक्स पर कहा कि भारत के बुनियादी ढांचे में परिवर्तनकारी बढ़ावा। नेशनल हाई-स्पीड रोड कॉरिडोर परियोजनाओं को कैबिनेट की मंजूरी से हमारे आर्थिक विकास पर कई गुना प्रभाव पड़ेगा साथ ही रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलेगा।’

देश के अलग-अलग कोनों में बनने जा रही इन सड़कों से न सिर्फ लोगों के समय के बचत होगी बल्कि कई शहरों की दूरी भी घट जाएगी। साथ ही ये ईंधन की बचत करने में भी मदद देंगे। इन नए कॉरिडोर से कानपुर-लखनऊ, अयोध्या, आगरा-ग्वालियर, खड़गपुर-मोरेग्राम, रायपुर-रांची, अहमदाबाद, पुणे, नाशिक, अयोध्या और गुवाहाटी को फायदा पहुंचेगा।

उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के कार्यान्वयन से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अनुमानित 4.42 करोड़ दिन का रोजगार पैदा होंगे। परियोजनाओं में 6-लेन कानपुर रिंग रोड, 4-लेन अयोध्या रिंग रोड, 6-लेन आगरा-ग्वालियर नेशनल हाई-स्पीड कॉरिडोर, 4-लेन खड़गपुर – मोरग्राम नेशनल हाई-स्पीड कॉरिडोर, 6-लेन थराद – दीसा – मेहसाणा- अहमदाबाद नेशनल हाई-स्पीड कॉरिडोर और रायपुर-रांची नेशनल हाईस्पीड कॉरिडोर के पत्थलगांव और गुमला के बीच 4-लेन खंड शामिल हैं। रायपुर-रांची के बीच पूर्ण निर्माणाधीन राजमार्ग परियाजना के तहत पत्थलगांव- गुमला के बीच 137 किलो मीटर के खंड के निर्माण को भी मंजूरी दी गयी जिस पर 4473 करोड़ रुपये खर्च होंगे तथा इसका लाभ छत्तीसगढ और झारखंड को मिलेगा।

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