
नई दिल्ली। गोवा के श्रीगांव में शुक्रवार रात आयोजित लैराई देवी की पारंपरिक जात्रा के दौरान भारी भीड़ में भगदड़ मच गई। इस द हादसे में कम से कम 6 लोगों की मौत हो गई और 30 से ज्यादा लोग घायल हो गए। हर साल की तरह इस बार भी लैराई जात्रा में हजारों श्रद्धालु जुटे थे। जैसे-जैसे रात बढ़ी, भीड़ और बढ़ती गई। इसी बीच अचानक अफरा-तफरी मच गई, और देखते ही देखते भगदड़ की स्थिति बन गई। कुछ लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला, और हादसे में 6 लोगों की जान चली गई। 30 से ज्यादा घायल हुए लोगों को फौरन गोवा मेडिकल कॉलेज और मापुसा के नॉर्थ गोवा डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।



लोगों की भारी भीड़ को देखते हुए पहले से ही 1,000 पुलिसकर्मी तैनात थे और ड्रोन से भीड़ की निगरानी हो रही थी। मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत, उनकी पत्नी सुलक्षणा, सांसद सदानंद शेट तानावड़े और स्थानीय विधायक भी पहले दिन जात्रा में मौजूद थे।
हादसे की खबर मिलते ही सीएम सावंत खुद घटनास्थल पर पहुंचे, और घायलों का हालचाल लेने अस्पताल गए। उन्होंने सभी घायलों को बेहतर इलाज देने के निर्देश भी दिए। फिलहाल घटना की जांच की जा रही है, और प्रशासन का कहना है कि आगे से इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
लैराई देवी गोवा में आस्था का बहुत बड़ा केंद्र हैं। इस उत्सव में धोंड कहे जाने वाले श्रद्धालु जलते अंगारों पर नंगे पैर चलते हैं। यह अनुष्ठान श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतिक माना जाता है। ढोल-नगाड़ों, मंत्रोच्चार और शोभायात्रा के साथ यह रात भर चलने वाला आयोजन एक तरह का आस्था का उत्सव होता है, जिसमें पास-पड़ोस के गांवों से हजारों लोग शामिल होते हैं। सुबह होते-होते, अंगारों पर चलने की यह परंपरा पूरी होती है और लोग देवी का आशीर्वाद लेकर घर लौटते हैं।

