
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को दिग्गज आईटी कंपनियों के सीईओ से मुलाकात की। इसमें माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्य नडेला, इंटेल के सीईओ लिप बू टैन और कॉग्निजेंट के सीईओ रवि कुमार एस शामिल हैं। इस मौके पर माइक्रोसॉफ्ट ने भारत में एशिया का अब तक का सबसे बड़ा 1.58 लाख करोड़ रुपये के निवेश करने का वादा किया है। माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्य नडेला ने मंगलवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जानकारी देते हुए कहा कि यह निवेश भारत में एआई भविष्य के लिए जरूरी ढांचा, कौशल एवं स्वाायत्त क्षमताओं के विकास के लिए होगा।



नडेला ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात के बाद एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 17.5 अरब डॉलर का निवेश एशिया में हमारा अब तक का सबसे बड़ा निवेश है। उनकी कंपनी यह निवेश 2026 से 2029 के बीच अगले चार वर्षों में करेगी, जिससे एआई को बड़े पैमाने पर लोगों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। माइक्रोसॉफ्ट ने कहा कि यह निवेश जनवरी, 2025 में घोषित तीन अरब डॉलर की पिछली निवेश प्रतिबद्धता के अतिरिक्त है। इसके अलावा प्रधानमंत्री ने मंगलवार को इंटेल कॉपोर्रेशन के सीईओ लिप-बू टैन से भी मुलाकात की। इंटेल ने भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम में अपने निवेश को बढ़ाने की अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता का संकेत दिया। इंटेल ने टाटा समूह के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। उधर, कॉग्निजेंट ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर कहा कि हमारे सीईओ रवि कुमार एस ने प्रधानमंत्री से मुलाकात कर भारत के प्रति कॉग्निजेंट की निरंतर प्रतिबद्धता की पुष्टि की तथा उन्हें समान विकास और प्रतिभा विकास को बढ़ावा देने के लिए उभरते शहरों में विस्तार करने की हमारी योजनाओं से अवगत कराया है। पूरी दुनिया भारत को लेकर आशावादी: मोदी प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर लिखा कि एआई के दौर में पूरी दुनिया भारत को लेकर आशावादी है। एशिया में माइक्रोसॉफ्ट का सबसे बड़ा निवेश भारत में करना यह बताता है कि वैश्विक तकनीकी कंपनियां भारत की डिजिटल भविष्य और एआई नेतृत्व क्षमता को गंभीरता से देख रही हैं। उनके अनुसार, यह निवेश भारत के युवाओं को एआई इनोवेशन का इस्तेमाल कर वैश्विक स्तर पर बेहतर समाधान तैयार करने में सक्षम बनाएगा, जिससे एक अधिक टिकाऊ और प्रगतिशील भविष्य का निर्माण होगा।

