
रांची। झारखंड विधानसभा में सदन के भीतर धरने पर बैठे भाजपा विधायकों को रात करीब 9:30 बजे मार्शल आउट कर दिया गया. इस दौरान विधायकों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। करीब 7 घंटे तक भाजपा और आजसू के विधायक वेल में बैठे रहे। यह मसला दिल्ली तक पहुंच गया।हालांकि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भाजपा विधायकों को मनाने की कोशिश जरूर की लेकिन वे नाकाम रहे। दरअसल भोजनावकाश के बाद जब ध्यानाकर्षण की सूचनाओं ली जा रही थी, इस वक्त नेता प्रतिपक्ष अमर बाउरी ने पहली पाली में सीएम हेमंत के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने युवाओं को रोजगार और अनुबंध कर्मियों के स्थाईकरण को लेकर जो वादे किए थे, उसपर सत्र के अंतिम दिन के बजाय आज ही जवाब देना चाहिए ताकि इस पर चर्चा हो सके। इस मांग को लेकर एक बड़े बैनर के साथ भाजपा विधायक वेल में आ गए। हंगामा बढ़ता देख स्पीकर ने सभा की कार्यवाही एक अगस्त को 11:00 तक के लिए स्थगित कर दी।



स्पीकर की की ओर से घोषणा होते ही भाजपा के विधायक वेल में बैठ गए। आजसू विधायक लंबोदर महतो का भी साथ मिला. इसके बाद बीतते वक्त के साथ मामला तूल पकड़ता चला गया। झारखंड बीजेपी के प्रभारी लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कहा कि विधायकों को सदन में बंधक बना लिया गया है। बिजली काट दी गई है, बाथरूम जाने नहीं दिया जा रहा है। एसी को भी बंद कर दिया गया है. इसके लिए उन्होंने सरकार को आड़े हाथों को लिया।
इस बीच सीएम ने विधायकों को मनाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि विपक्ष के सवालों का जवाब वह कब देंगे, यह तय करना स्पीकर का काम है। इस पर भाजपा के मुख्य सचेतक बिरंची नारायण ने सदन से बाहर आकर मीडिया को बताया कि यह आश्वासन नाकाफी है। लिहाजा सभी विधायक रात भर सदन के भीतर धरने पर बैठे रहेंगे।

