
प्रयागराज। बॉलीवुड अभिनेत्री रह चुकी ममता कुलकर्णी ने महाकुंभ पहुंचकर संन्यासी बन चुकी हैं। यहां उन्होंने संन्यास की दीक्षा ली और किन्नर अखाड़े में महामंडलेश्वर बनाई गई हैं।
ममता कुलकर्णी का किन्नर अखाड़े ने पट्टाभिषेक कर उन्हें महामंडलेश्वर की उपाधि दी है। इससे वह अखाड़े की साध्वी के रूप में जानी जाएंगी।
ममता कुलकर्णी ने महाकुंभ में स्नान करने के बाद संगम किनारे अपने पूर्वजों का पिंडदान किया। इसके बाद किन्नर अखाड़े के संतों ने उनका पट्टाभिषेक किया।
किन्नर अखाड़े के आचार्य लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने ममता को दीक्षा दी है। चादरपोशी की रस्म अदाकर ममता कुलकर्णी को महामंडलेश्वर की पदवी दी गई और उनको नया नाम श्री यामाई ममता नंद गिरि दिया गया। ममता अब इसी नाम से जानी जाएंगी। इसके पहले उन्होंने एक वीडियो भी जारी किया, जिसमें में उन्होंने बताया कि साध्वी बनने के बाद वे संगम, काशी और अयोध्या की यात्रा करेंगी।
