
रांची। सीएनटी एक्ट का उल्लंघन कर बड़े पैमाने पर आदिवासी जमीन खरीदने के मामले में पूर्व मंत्री एनोस एक्का और उनकी पत्नी मेनन एक्का को सीबीआई के विशेष अदालत ने 7 साल की सजा सुनाई है। इसके साथी ही कार्तिक कुमार प्रभात समेत 4 को लोगों को 5-5 साल की सजा सुनाई गई है।



इससे पहले सीबीआई के विशेष न्यायाधीश एसएन तिवारी की अदालत ने शुक्रवार को हुए सुनवाई में 15 साल पुराने मामले में सीएनटी एक्ट का उल्लंघन कर आदिवासी जमीन खरीदने के मामले में पूर्व मंत्री एनोस एक्का, उनकी पत्नी मेनन एक्का, रांची के तत्कालीन एलआरडीसी कार्तिक कुमार प्रभात सहित नौ को दोषी करार दिया गया था। इस मामले में आज फैसला सुनाया गया। शुक्रवार को दोषी पाए जाने के बाद पूर्व मंत्री एनोस एक्का समेत सभी आरोपियों को बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा होटवार भेज दिया गया था। बता दें कि एनोस एक्का ने 15 साल पहले1.18 करोड़ रुपये से अधिक की जमीन खरीदी थी।
22 अगस्त को इस मामले में दोनों पक्ष की तरफ से बहस पूरी होने के बाद अदालत ने 30 अगस्त को फैसले तिथि निर्धारित की थी। पूरा मामला 15 साल पहले यानी 2010 का है जब चार अगस्त 2010 को सीबीआई ने झारखंड हाई कोर्ट के आदेश पर एनोस एक्का सहित अन्य पर प्राथमिकी दर्ज की थी। सीबीआई ने दिसंबर 2012 में जांच पूरी करते हुए चार्जशीट दाखिल की थी। जिस पर कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए एनोस एक्का सहित अन्य पर पांच नवंबर 2019 को आरोप तय किया गया था।

