
रांची। जमीन घोटाला मामले में ईडी की कार्रवाई के बाद अब झारखंड पुलिस ने भी अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। राज्य के प्रभारी डीजीपी अनुराग गुप्ता ने रांची में जमीन हड़पने के मामलों की जांच के लिए सात सदस्यीय एसआईटी का गठन किया है।



इस एसआईटी के अध्यक्ष सीआईडी के आईजी संगठित अपराध सह कारा महानिरीक्षक सुदर्शन प्रसाद मंडल बनाए गए हैं। इनके अलावा इस टीम में डीआईजी मयूर पटेल कन्हैयालाल, कार्तिक एस., संध्या रानी मेहता, एसपी ऋषभ कुमार झा, अनुरंजन किस्पोट्टा व एएसपी दीपक कुमार सदस्य बनाए गए हैं।
डीजीपी ने एसआईटी को जमीन के सभी प्रमुख मामलों की गहन समीक्षा का आदेश दिया है। वैसे मामले, जिनमें फाइनल रिपोर्ट दी जा चुकी है या फिर उनका अनुसंधान लंबित है, उसे भी जांच के अधीन रखा गया है। एसआईटी अनुसंधान की दशा व दिशा देखेगी, आरोपितों पर कार्रवाई हो रही है या नहीं, कोई निर्दोष तो नहीं फंस रहा है, लंबे समय से अनुसंधान लंबित का कारण तलाशेगी। क्या वरीय पदाधिकारी समय-समय पर पर्यवेक्षण व अनुसंधानकर्ता को सही दिशा-निर्देश दे रहे हैं कि नहीं, उसे भी देखेंगे।
डीजीपी ने रांची जिले के सभी डीएसपी व थाना प्रभारियों को एसआईटी का सहयोग करने, जमीन माफिया की सूची उपलब्ध कराने का भी आदेश दिया है। प्रत्येक थाने में पिछले कुछ वर्षों से जमीन विवाद से संबंधित जितने भी मामले दर्ज हुए, उसकी गहन समीक्षा होगी।
एसआईटी को सहयोग नहीं करने वालों के विरुद्ध भी एसआईटी रिपोर्ट तैयार करेगी। एसआईटी वैसे सरकारी और गैर सरकारी कर्मियों को भी चिह्नित करेगी, जो सरकार के विभिन्न प्रतिष्ठानों को प्रभावित करते हैं या जमीन के अवैध स्थानांतरण में संलिप्त हैं।
डीजीपी ने रांची के एसएसपी को भी निर्देश दिया है कि वे अपने कनीय पदाधिकारियों को निर्देशित करें कि एसआईटी को ससमय सूचनाएं उपलब्ध हो। शिथिलता बरतने वालों पर कार्रवाई भी होगी।

