
रांची। राज्य सरकार के सभी सरकारी सेवकों (ग्रुप डी को छोड़कर) को अपनी चल-अचल संपत्तियों का विवरण देना होगा। कार्मिक विभाग ने जारी आदेश में कहा है कि सरकारी सेवकों को एचआरएमएस पोर्टल के जरिए 15 जुलाई तक संपत्तियों का विवरण जमा करना अनिवार्य है। पांच साल की परफॉरमेंस रिपोर्ट भी जमा करनी होगी।



राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसरों को वर्ष 2019-20, 2020-21, 2021-22, एवं 2022-23 का परफॉरमेंस स्वमूल्यांकन प्रतिवेदन जमा करना होगा। इसमें प्रतिवेदक पदाधिकारियों के स्तर से आॅनलाइन रिपोर्ट जमा करने की अंतिम तिथि 30 जून रखी गयी है जबकि समीक्षी पदाधिकारियों के स्तर से आॅनलाइन मूल्यांकन की अंतिम तिथि 10 जुलाई और स्वीकरण पदाधिकारियों के स्तर से आॅनलाइन मूल्यांकन की अंतिम तिथि 20 जुलाई रखी गयी है।
सरकारी सेवकों और राज्य सेवा के अफसरों द्वारा तय समय सीमा पर रिपोर्ट जमा नहीं करने पर राज्य सरकार की ओर से मिलने वाले आर्थिक लाभ से वे वंचित हो जा सकते हैं। साथ ही प्रमोशन में भी पेंच फंस सकता है।
जानकारी के अनुसार सरकार के इस आदेश के बाद सरकारी सेवक और राज्य सेवा के अफसर एचआरएमएस पोर्टल पर विवरण जमा करने में लगे हुए हैं। राज्य प्रशासनिक सेवा के सभी अधिकारियों को प्रत्येक तीन साल पर यह ब्यौरा जमा करना होता है लेकिन कई अधिकारियों ने राज्य सरकार को अपनी संपत्तियों के बारे में कोई सूचना पिछले कुछ वर्षों से नहीं दी है।

