गोपालगंज। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को कहा कि महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए शुरू की गई जीविका योजना आज देश में एक मिसाल बन चुकी है। अब तक 1 करोड़ 40 लाख महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ चुकी हैं। केंद्र सरकार के मंत्री भी इस मॉडल को देखने बिहार आए और इसकी सराहना की। नीतीश ने गोपालगंज के कटेया में एनडीए की चुनावी रैली को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं। सीएम ने दावा किया कि जीविका योजना से महिलाओं की तकदीर बदल गई।

उन्होंने कहा कि अब जीविका समूहों का विस्तार ग्रामीण से लेकर शहरी इलाकों तक हो गया है। हजारों महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं। राज्य के सभी पंचायतों में विवाह भवनों का निर्माण लगभग 4 हजार करोड़ रुपये की लागत से कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वृद्धजन, दिव्यांग और विधवा पेंशन की राशि बढ़ाई गई है। हर घर की एक महिला को रोजगार देने के लक्ष्य के तहत 10 हजार रुपये की सहायता राशि योजना शुरू की गई है। बिहार आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है और इसमें महिलाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।

सीएम ने कहा कि आज से 20 वर्ष पहले बिहार के लोग घरों से निकलने में डरते थे। चारों ओर भय और अराजकता का माहौल था। लोग शाम होते ही घरों में दुबक जाते थे। लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। आज लोग दिन-रात कभी भी बेखौफ घूम सकते हैं। यह परिवर्तन हमारी सरकार के आने के बाद संभव हुआ है।

मुख्यमंत्री नीतीश बुधवार को कटेया प्रखंड के खुरहुरिया खेल मैदान में आयोजित चुनावी सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कुचायकोट, भोरे और हथुआ विधानसभा क्षेत्रों के मतदाताओं से क्रमशः अमरेंद्र कुमार पांडेय उर्फ पप्पू पांडेय, सुनील कुमार और रामसेवक सिंह के पक्ष में वोट देने की अपील की।

नीतीश कुमार ने आरजेडी और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और बिजली की स्थिति बेहद खराब थी। लेकिन अब बिहार के हर क्षेत्र में विकास हो रहा है। राज्य में शांति, सौहार्द और भाईचारे का वातावरण है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2006 से कब्रिस्तानों की घेराबंदी और 2016 से 60 वर्ष पुराने मंदिरों की सुरक्षा दीवार का काम कराया गया ताकि धार्मिक सौहार्द और सुरक्षा दोनों सुनिश्चित हो सके।

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