
पटना। जदयू के राष्ट्रीय महासचिव सह प्रवक्ता राजीव रंजन का गुरुवार की देर शाम नई दिल्ली के मैक्स अस्पताल में आकस्मिक निधन हो गया। उनके पारिवारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, देर शाम उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बता दें कि स्वर्गीय रंजन वर्ष 2010 में इस्लामपुर विधानसभा क्षेत्र से जदयू के टिकट पर विधायक निर्वाचित हुए थे।



बाद में, 2015 में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए। भारतीय जनता पार्टी में उन्हें प्रदेश उपाध्यक्ष और प्रवक्ता बनाया गया था। काफी दिनों तक भारतीय जनता पार्टी में रहने के बाद वर्ष 2023 में वह फिर जदयू में शामिल हो गए।
इसके बाद नीतीश कुमार ने उन्हें बड़ी जिम्मेदारी देते हुए पार्टी का राष्ट्रीय महासचिव सह प्रवक्ता बना दिया। स्वर्गीय रंजन ने साल 1995 में समता पार्टी के टिकट पर इस्लामपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा था, लेकिन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के उम्मीदवार कृष्णबल्लभ प्रसाद यादव से पराजित हो गए।
2010 में जदयू के टिकट पर बने थे विधायक
इसके बाद उन्होंने राजनीति से किनारा कर दूसरे क्षेत्र में प्रवेश किया और काफी दिनों तक झारखंड और छत्तीसगढ़ विद्युत बोर्ड के अध्यक्ष के पद पर रहे। इसके बाद नीतीश कुमार के आग्रह पर पुन: राजनीति में चले आए और 2010 में विधायक निर्वाचित हुए। स्वर्गीय रंजन के पिता रामशरण प्रसाद सिंह जाने-माने कांग्रेसी नेता थे। वे प्रदेश अध्यक्ष सहित कई मुख्यमंत्री के मंत्रिमंडल में महत्वपूर्ण विभाग की जिम्मेदारी संभाले थे। इसके अलावा, राजीव रंजन जी के ससुर सिद्धेश्वर प्रसाद भी केंद्रीय मंत्री और त्रिपुरा के राज्यपाल के रूप में अपनी सेवा दे चुके थे। उनके निधन से नालंदा जिला के राजनीतिक गलियारे में शोक का लहर व्याप्त हो गया है।

