तेहरान/तेल अवीव | ईरान और इजराइल के बीच शनिवार देर रात एक बार फिर मिसाइल हमले हुए। बीते तीन दिनों से दोनों देशों के बीच चल रही सैन्य झड़प अब और गंभीर होती जा रही है। इजराइली डिफेंस फोर्स (IDF) ने ईरान के मिलिट्री हथियार कारखानों और उनके आसपास बसे इलाकों में रहने वाले नागरिकों को तुरंत स्थान खाली करने की चेतावनी दी है। IDF के प्रवक्ता कर्नल अविचाय अद्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में कहा कि हथियार फैक्ट्रियों के पास रहना ईरानी नागरिकों के लिए खतरनाक हो सकता है। इजराइल का दावा है कि उसने तेहरान में रक्षा मंत्रालय को निशाना बनाया है। इसके अलावा बुशहर और तेहरान में स्थित ऑयल डिपो और गैस रिफाइनरी सहित 150 से अधिक ठिकानों पर हमला किया गया है।
इजराइली हमलों में ईरान को भारी नुकसान हुआ है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पिछले तीन दिनों में 138 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 9 परमाणु वैज्ञानिक और 20 से अधिक ईरानी सैन्य कमांडर शामिल हैं। वहीं, 350 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। हमलों के बाद ईरान ने तेहरान समेत सात राज्यों में एयर डिफेंस सिस्टम को एक्टिव कर दिया है।
दूसरी ओर, ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए इजराइल पर 150 से अधिक मिसाइलें दागी हैं। इनमें से कई मिसाइलें हाइफा शहर के बाजान ऑयल रिफाइनरी सेंटर को भी लगीं, जिससे वहां भारी नुकसान हुआ है। ईरानी हमलों में अब तक 13 इजराइली नागरिकों की मौत और 300 से ज्यादा के घायल होने की खबर है।
ईरानी सरकार ने कहा है कि अगर इजराइल हमले रोक देता है तो वह भी जवाबी कार्रवाई बंद कर देगा। हालांकि, इस पर इजराइली पक्ष की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह संघर्ष अब सीमित कार्रवाई से आगे बढ़कर एक बड़े सैन्य संघर्ष में बदल सकता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने दोनों देशों से संयम बरतने और वार्ता के जरिए समाधान निकालने की अपील की है।

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