
तेहरान/तेल अवीव। पश्चिम एशिया का आसमान इन दिनों धुएं और धमाकों से भरा है। इजराइल-ईरान संघर्ष नौवें दिन भी थमा नहीं है। शनिवार को इस संघर्ष ने एक नया मोड़ ले लिया जब इजराइल ने ईरान के प्रमुख ड्रोन कमांडर अमीन पोर जोदखी के मारे जाने का दावा किया। जोदखी की मौत ईरान के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है क्योंकि पिछले सप्ताह इसी संघर्ष में ड्रोन यूनिट के चीफ ताहर फुर मारे गए थे, जिसके बाद ड्रोन कमान जोदखी के हाथों में आई थी।



इजराइल द्वारा की गई इन कार्रवाइयों में अब तक ईरान के 12 से अधिक सैन्य अफसर मारे जा चुके हैं। इनमें ईरानी सेना के चीफ मोहम्मद बाघेरी और आईआरजीसी (Islamic Revolutionary Guard Corps) के प्रमुख होसैन सलामी जैसे बड़े नाम भी शामिल हैं। यह सिलसिला साफ दिखा रहा है कि इजराइल ईरान के सैन्य नेतृत्व को व्यवस्थित तरीके से निशाना बना रहा है।
शनिवार को ईरान ने इजराइल की राजधानी तेल अवीव और होलोन शहरों पर मिसाइल हमले किए। इन हमलों में कुछ इमारतों में आग लगने की खबर है। जवाब में इजराइल ने ईरान के कोम और इस्फहान शहरों पर मिसाइल हमले किए, जिसमें 2 लोगों की मौत और 4 घायल होने की सूचना है।
पिछले 8 दिनों में इजराइल में 24 लोग मारे गए हैं और 900 से ज्यादा घायल हुए हैं। वहीं ईरान में हालात कहीं ज्यादा खराब हैं। वॉशिंगटन स्थित ईरानी ह्यूमन राइट्स ग्रुप के मुताबिक, अब तक 657 लोगों की मौत हो चुकी है और 2000 से अधिक घायल हैं। ये आंकड़े इस संघर्ष की भयावहता को उजागर करते हैं।
इजराइल को जंग रोकने को नहीं कहूंगा : ट्रम्प
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस संघर्ष पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा है कि वे इजराइल को जंग रोकने के लिए नहीं कहेंगे। ट्रम्प ने कहा, “फिलहाल इजराइल इस जंग में आगे है। अगर कोई जीत रहा है तो उसे रोकना मुश्किल है।” ट्रम्प का ये बयान वैश्विक कूटनीति में अमेरिका की स्थिति को लेकर नई बहस छेड़ सकता है, खासकर तब जब ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु समझौते को लेकर बातचीत की उम्मीदें बनी हुई थीं।

