
रामगढ़ । सीसीएल के रजरप्पा कोलियरी में कोयले की हेरा फेरी बड़ी चतुराई से की जा रही है। इस हेरा फेरी में सीसीएलके वरीय अधिकारियों से लेकर कांटा बाबू और सिक्योरिटी के लोग भी शामिल हैं। यह हेरा फेरी इतनी सफाई से हो रही है कि उसे पकड़ पाना पुलिस और माइनिंग विभाग के अधिकारियों के बूते की बात नहीं है।



रजरप्पा कोलियरी में कोयले के अलग-अलग कैटेगरी को लेकर आॅक्शन होता है। लेकिन घटिया कोयले का आॅक्शन करने वाले डीओ होल्डर, लिफ्टर और सीसीएल प्रबंधन के अधिकारियों व कर्मचारियों की मिली भगत से हाई क्वालिटी का कोयला उठाकर मंडियों में बेच रहे हैं। सीसीएल अधिकारियों की मौन की वजह से डीओ होल्डर और लिफ्टर चांदी काट रहे हैं। बुधवार को भी ऐसा ही एक मामला सामने आया था। लेकिन जब इसकी भनक रजरप्पा पुलिस को लगी तो सीसीएल प्रबंधन के कान खड़े हो गए। सीसीएल अधिकारियों और कर्मचारियों ने तत्काल ट्रक संख्या 4638 पर लोड कोयले को अनलोड कर दिया और इसके बाद उस ट्रक को सीधे कोलियरी से बाहर निकाल दिया। जब तक पुलिस इस मामले में कुछ पहल कर पाती, तब तक पूरे मामले को रफा दफा करने की कोशिश की गई।
जानकारी के अनुसार पिछले हफ्ते भी रजरप्पा कोलियरी में चार ट्रकों पर दस्तावेजों की हेरा फेरी कर हाई क्वालिटी का कोयला लोड कर दिया गया था। वह कोयला कोलियरी से लोड होकर कांटा घर तक पहुंचा और फिर वहां से मेन चेक पोस्ट पर मौजूद सिक्योरिटी गार्ड की नजरों से भी होकर गुजरा। इस बात की भनक पुलिस को तब लगी जब वह ट्रक चेक पोस्ट को पार कर बाहर निकल चुका था। लेकिन तब तक पुलिस भी कुछ कर पाने के लिए सक्षम नहीं थी।
बुधवार को जब एक बार फिर कोयले की हेरा फेरी को लेकर मामला सामने आया तो रजरप्पा थाना प्रभारी नवीन प्रकाश पांडे ने सीसीएल प्रबंधन के अधिकारियों से बात की। इस दौरान उन्हें यह बताया गया कि गलती से ट्रैक 4638 पर हाई क्वालिटी का कोयला लोड हो गया था। जैसे ही मामला संज्ञान में आया, ट्रक पर से कोयले को खाली कर दिया गया। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि जो मामला पुलिस की नजर से बच जाता है उसे सीसीएल प्रबंधन, डीओ होल्डर, लिफ्टर और सीसीएल के कर्मचारी पार लगा देते हैं। जैसे ही पुलिस का हस्तक्षेप उसमें सामने आता है वे लोग ट्रैकों को अनलोड करने लग जाते हैं।
कोयले की हेरा फेरी के मामले पर रजरप्पा थाना प्रभारी नवीन प्रकाश पांडे ने बताया कि सीसीएल के अधिकारियों से उन्होंने लिखित शिकायत मांगी है। उन्होंने यह भी कहा है कि लिखित शिकायत मिलते ही तत्काल प्राथमिकी दर्ज की जाएगी

