
पटना । प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत बनी ग्रामीण सड़कों से संबंधित कोई शिकायत आम नागरिक भी कर सकते हैं। ग्रामीण कार्य विभाग ने सभी कार्य प्रमंडलों के कार्यपालक अभियंताओं को इस बाबत पत्र भेजा है। पीएमजीएसवाई में क्यूआर कोड आधारित फीडबैक प्रणाली का कार्यान्वयन करने का निर्देश मंगलवार को जारी किया गया है। पांच जिले सीवान, सुपौल, जमुई, गया और मुंगेर में क्यूआर कोड पर काम शुरू हो गया है। जल्द ही अन्य जिले में भी यह सुविधा शुरू हो जाएगी।



ग्रामीण कार्य विभाग के अभियंता प्रमुख सह विशेष सचिव ई. निर्मल कुमार ने विभाग के सभी कार्य प्रमंडलों के कार्यपालक अभियंताओं को निर्देश दिया कि वे ई-मार्ग (eMARG) पोर्टल से जनरेट किए गए क्यूआर कोड को सड़क किनारे लगे रख-रखाव सूचना बोर्ड पर अनिवार्य रूप से लगाएं। इसके माध्यम से कोई भी नागरिक सड़क से जुड़ी समस्या या सुझाव सीधे विभाग तक पहुंचा सकेगा। उन्होने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना को और अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और तकनीक-सक्षम बनाने के उद्देश्य से यह व्यवस्था लागू की गई है।
क्यूआर कोड स्कैन करने पर नागरिक संबंधित सड़क की पूरी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे और सड़क पर गड्ढे, टूट-फूट या अन्य खामियों की तस्वीरें खींचकर फीडबैक विंडो के माध्यम से अपलोड कर सकेंगे। यह फीडबैक सीधे विभागीय प्रणाली में दर्ज होगा। ई-मार्ग पोर्टल के माध्यम से पीएमजीएसवाई के तहत निर्मित प्रत्येक सड़क के लिए एक विशिष्ट क्यूआर कोड तैयार किया गया है, जिसे हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में दिए गए निर्देशों के साथ रख-रखाव सूचना बोर्ड पर प्रदर्शित किया जाएगा। नागरिकों द्वारा भेजी गई तस्वीरें और फीडबैक नियमित निरीक्षण (RI) से जोड़े जाएंगे।

