
पटना। जिलाधिकारियों व पुलिस अधीक्षकों की गुरुवार को हुई बैठक में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि कोई व्यक्ति बिहार आए तो उसे सुशासन का प्रभाव दिखना चाहिए। किसी व्यक्ति की अपराधियों द्वारा हत्या की जाती है या कोई आपराधिक घटना होती है तो दोषियों को चार्जशीट दायर कर उसे 48 घंटे के अंदर गिरफ्तार करें। 12 से 13 दिनों के अंदर सख्त कार्रवाई हो जो लोगों को दिखे। बिहार में उद्योगों की स्थापना को ले सरकार की प्राथमिकता पर उन्होंने कहा कि इस वर्ष 20 नवंबर तक प्रदेश में पांच लाख करोड़ रुपए निवेश का लक्ष्य है। बैठक में उन्होंने तीन बार पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का नाम लिया। एक बार सुशासन की स्थापना के संदर्भ में दूसरी बार शराबबंदी को लेकर और तीसरी बार जाति आधारित जनगणना पर। उन्होंने अधिकारियों को कहा कि शराबबंदी के सफल क्रियान्वयन को लेकर बेहतर ढंग से काम करें।मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में उद्योग स्थापित करने के लिए यहां आने वाले लोगों को हर प्रकार की सुविधा सरकार उपलब्ध करा रही है। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक अगर किसी उद्यमी को सुरक्षा और सुविधा की गारंटी अपने जिले में निजी तौर पर उपलब्ध कराते हैं तो उद्योगपति पूरी तन्मयता से अपना उद्योग लगाएगा और उसको विस्तार देगा।लोगों के लिए इज आॅफ लिविंग स्टैंर्ड होना चाहिए : उन्होंने कहा कि बिहार में काम करने वाले लोगों और यहां पर रहने वाले लोगों को बिहार में क्या-क्या सुविधाएं उपलब्ध हैं, ये पता होना चाहिए। लोगों के लिए इज आॅफ लिविंग स्टैंर्ड होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटना के कई मामले आ रहे हैं, आपदा प्रबंधन विभाग से पीड़ित परिवारों को चार लाख रुपये का अनुदान दिया जा रहा है। सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए इस पर व्यवस्थित ढंग से काम करें।सम्राट ने कहा कि भागलपुर में कार्यपालक पदाधिकारी के साथ जो घटना हुई यह दु:खद है। उन्होंने बहादुरी के साथ अपराधियों का मुकाबला किया और अपने प्राणों की आहुति दे दी। सरकार ऐसे कर्तव्यनिष्ठ पदाधिकारियों के परिजनों के साथ है। अपराधी किसी प्रकार का दुस्साहस न करें इसको लेकर पुलिस मुस्तैदी के साथ कार्य करे। बैठक में ये रहे मौजूद : कार्यक्रम के दौरान मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत एवं पुलिस महानिदेशक विनय कुमार ने भी संबोधित किया। पुलिस महानिदेशक, आपरेशन कुंदन कृष्णन ने विधि व्यवस्था, अपराध नियंत्रण को लेकर प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विस्तृत जानकारी दी। मुख्यमंतत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, कुमार रवि, वाणिज्य कर विभाग के सचिव संजय कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव डा. चंद्रशेखर सिंह सहित कई अन्य वरीय पदाधिकारी भी इस मौके पर मौजूद थे।
