भुवनेश्वर।ओडिशा में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सतर्कता विभाग (विजिलेंस) ने रविवार को एक आईएएस अधिकारी को 10 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा। यह रिश्वत एक स्थानीय व्यवसायी से ली जा रही थी। आरोपी अधिकारी कालाहांडी जिले के धर्मगढ़ में उप-जिलाधिकारी (सब-कलेक्टर) के पद पर तैनात हैं। विजिलेंस विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, अधिकारी ने कुल 20 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी, जिसमें से 10 लाख रुपये की पहली किश्त वह वसूल रहा था।

रिश्वत के पैसे दराज में रखे
शिकायत के आधार पर निगरानी रखी गई और जैसे ही अधिकारी ने सरकारी आवास पर व्यवसायी से नकदी ली, टीम ने छापा मारकर उन्हें धर दबोचा। अधिकारी ने शिकायतकर्ता को अपने सरकारी निवास धर्मगढ़ बुलाया था और वहीं पर रिश्वत की राशि ली। आईएएस अधिकारी ने नकदी को अपनी टेबल की दराज में रख दिया था। इसी दौरान सतर्कता विभाग की टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

47 लाख रुपये सरकारी आवास से बरामद
विजिलेंस टीम ने इसके बाद अधिकारी के सरकारी आवास पर छापा मारा, जहां से अब तक 47 लाख रुपये की नकदी बरामद की गई है। यह रकम कहां से आई, इसके स्रोत की जांच की जा रही है। अधिकारी की उम्र लगभग 35 वर्ष बताई गई है। फिलहाल आरोपी अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। विजिलेंस विभाग की टीमें उनसे पूछताछ कर रही हैं और उनके अन्य ठिकानों पर भी छापेमारी की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, यह मामला राज्य प्रशासन में फैले भ्रष्टाचार को उजागर करता है। आईएएस अधिकारी जैसे उच्च पद पर आसीन व्यक्ति द्वारा रिश्वत लेना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि आम जनता का विश्वास भी तोड़ता है। विजिलेंस विभाग ने जनता से अपील की है कि वे इस तरह के मामलों में चुप न रहें और किसी भी प्रकार की भ्रष्टाचार की शिकायत सीधे विभाग को दें। मामले की आगे की जांच जारी है।

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