रांची। असिस्टेंट प्रोफेसर पद के लिए अनुसूचित जनजाति (एसटी) उम्मीदवार की नियुक्ति के मामले में हाई कोर्ट की एकल पीठ के आदेश के खिलाफ दाखिल जेपीएससी की अपील (एलपीए) पर झारखंड हाई कोर्ट ने शुक्रवार को फैसला सुनाया है।

हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस रामचंद्र राव की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने एकल पीठ के आदेश को बरकरार रखते हुए जेपीएससी की अपील खारिज कर उस पर एक लाख का जुमार्ना लगाया है। बीते दिनों मामले में सभी पक्षों को की सुनवाई पूर्ण होने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। प्रतिवादी मनोज कुमार कच्छप की ओर से अधिवक्ता सब्यसाची तथा जेपीएससी की ओर से अधिवक्ता संजय पिपरवाल ने पैरवी की थी।

हाई कोर्ट के जजमेंट के बाद जेपीएससी के अधिवक्ता ने बताया कि जल्द जेपीएससी इस जजमेंट को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगा। क्योंकि जेपीएससी की ओर से आयोजित प्रतियोगिता परीक्षा में सभी वर्गों को परीक्षा शुल्क जमा करना अनिवार्य है। आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को केवल परीक्षा फीस की राशि में छूट दी जाती है, ऐसा नहीं है कि उन्हें फीस जमा ही ना करना पड़े।

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