
नई दिल्ली/रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुधवार को नई दिल्ली के ताज होटल में आयोजित दो दिवसीय नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि झारखंड की पहचान केवल खनिज संपदा (माइंस) तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि राज्य को नवाचार (इनोवेशन) और बौद्धिक पूंजी (माइंड्स) का भी केंद्र बनाना होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य झारखंड को भविष्य की तकनीकों और ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था के अनुरूप विकसित करना है।कार्यक्रम का आयोजन राज्य सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी, उद्योग एवं पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। पहले सत्र में सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), डिजिटल गवर्नेंस और उभरती तकनीकों पर विस्तृत चर्चा हुई। इसमें देश-विदेश की आईटी कंपनियों, उद्योग जगत, नीति-निर्माताओं, शिक्षाविदों और तकनीकी विशेषज्ञों ने भाग लिया।मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड ने देश को केवल खनिज संसाधन ही नहीं, बल्कि प्रतिभाशाली मानव संसाधन भी दिए हैं। इसलिए राज्य की पहचान केवल खनन आधारित अर्थव्यवस्था तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने अनुसंधान, नवाचार और ज्ञान आधारित विकास को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कहा कि सरकार समावेशी, व्यापक और सतत विकास के लिए प्रतिबद्ध है।कार्यक्रम में Microsoft, Google सहित कई प्रमुख तकनीकी संस्थानों और उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों ने झारखंड में डिजिटल इकोसिस्टम को मजबूत करने, आईटी निवेश बढ़ाने और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप राज्य को तैयार करने के लिए अपने सुझाव दिए।इस दौरान झारखंड एआई पॉलिसी, निवेश प्रोत्साहन नीति, पर्यटन नीति, टेक्सटाइल नीति, जियाडा रेगुलेशंस और पीपीपी नीति के कॉन्सेप्ट पेपर हितधारकों के समक्ष प्रस्तुत किए गए। इन नीतियों पर उद्योग जगत और विशेषज्ञों से सुझाव आमंत्रित किए गए, ताकि इन्हें और अधिक प्रभावी तथा निवेशक-अनुकूल बनाया जा सके।कार्यक्रम में बिजनेस-टू-गवर्नमेंट (बी2जी) संवाद भी आयोजित किया गया, जिसमें आईटी, एआई, डिजिटल गवर्नेंस और आधुनिक तकनीकों के क्षेत्र में निवेश एवं साझेदारी की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।मुख्यमंत्री ने कहा कि हितधारकों से प्राप्त सुझावों के आधार पर सरकार ऐसी नीतियां तैयार करेगी, जो निवेश आकर्षित करने के साथ-साथ रोजगार सृजन और समावेशी विकास को भी गति दें।कार्यक्रम में दीपिका पांडेय सिंह, इरफान अंसारी, संजय कुमार यादव, सुदिव्य कुमार, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। वहीं आईबीएम, माइक्रोसॉफ्ट और गूगल के प्रतिनिधियों ने झारखंड में सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की संभावनाओं पर प्रस्तुति
