
रांची। अब एक ही छत के नीचे 11वीं और 12वीं की पढ़ाई के साथ-साथ आदिवासी बच्चे इंजीनियरिंग और मेडिकल की भी फ्री कोचिंग करेंगे। रांची के हिंदपीढ़ी में इसे लेकर दिशोम गुरू शिबू सोरेन इंजीनियरिंग (जेईई) एवं मेडिकल (जेईई) कोचिंग संस्थान की स्थापना की गई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को इसका शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने नामांकित छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि वे सिर्फ पढ़ाई में मेहनत करें, उनकी चिंता करने के लिए पूरी सरकार खड़ी है।
उन्होंने कहा कि अपनी मेहनत से बच्चे न केवल आरक्षित श्रेणी में ही चयनित हों, बल्कि उनकी मेहनत ओवर फ्लो हो जाए ताकि उनका चयन अनारक्षित श्रेणी में भी हो सके।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर उन बच्चों के लिए एक और बैच शुरू करने के निर्देश कल्याण विभाग और मोशन संस्थान को दिए, जिनका एक-दो अंकों के कारण 300 विद्यार्थियों वाले इस बैच में चयन नहीं हो सका। इस तरह अब कुल 600 बच्चों का नामांकन इस संस्थान में होगा। इससे पहले, विभागीय मंत्री चमरा लिंडा ने कहा कि तैयारी कराने के लिए मोशन संस्थान तो है, लेकिन परिश्रम बच्चों को ही करना है।
कार्यक्रम में विभागीय सचिव कृपा नंद झा ने बताया कि इस संस्थान को इंटरमीडिएट कॉलेज के रूप में जैक या सीबीएसई से संबद्धता दिलाने की कार्रवाई की जा रही है ताकि बच्चे यहां 11वीं और 12वीं की पढ़ाई के साथ-साथ कोचिंग का लाभ ले सकें। उन्होंने उक्त परिसर में बन रहे फूलो झानो बालिका छात्रावास के 15 जनवरी तक शुरू होने की भी बात कही। वहीं, मोशन संस्थान के वाइस प्रेसिडेंट शिव प्रसाद विजय ने कहा कि विद्यार्थियों की तैयारी का स्तर व सारी सुविधाएं वहीं होंगी, जो कोटा में विद्यार्थियों को मिलता है।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर राज्य के सभी जिलों में आधुनिकतम लाइब्रेरी और ई-लाइब्रेरी की सुविधा बहाल करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि गरीब होनहार आदिवासी विद्यार्थियों को मजबूत सपोर्ट देने के लिए अगले पड़ाव के रूप में शीघ्र ही यूपीएससी, जेपीएससी, बैंकिंग, रेलवे आदि की तैयारी के लिए निश्शुल्क कोचिंग शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि बच्चे यहां अपनी संस्कृति का भी आदान-प्रदान करेंगे, क्योंकि कुछ बच्चे मुंडारी बोलते हैं तो कुछ हो, मुंडारी या हिन्दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मरांग गोमके पारदेशीय छात्रवृत्ति योजना के तहत एसटी, एससी तथा ओबीसी के छात्र विदेशों में उच्च शिक्षा ग्रहण कर अपने हुनर का परचम लहरा रहे हैं। उनका कार्यक्रम वहां जाने का बन रहा है, जहां वे उनसे मुलाकात करेंगे। उन्होंने रिम्स में भी गरीब होनहार बच्चों के मेडिकल की तैयारी की जानकारी दी
