पटना। बिहार के 13 आकांक्षी जिलों में हेलीपोर्ट विकसित किए जाएंगे। इससे इन जिलों में हेलीकॉप्टर सेवा का रास्ता खुलेगा। आपात स्थिति में राहत-बचाव कार्य और पर्यटन के लिए भी इनका इस्तेमाल किया जा सकेगा। केंद्र सरकार की क्षेत्रीय संपर्क योजना परिवर्तित उड़ान (मोडिफाइड उड़ान) योजना के तहत सरकार यह कार्य करने जा रही है। राज्य मंत्रिमंडल ने मंगलवार को इससे जुड़े समझौता प्रारूप को सहमति दी है।

योजना को जमीन पर उतारने के लिए नागर विमानन मंत्रालय, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण और राज्य सरकार के बीच समझौता होगा। इसके बाद हवाई संपर्क से जुड़ी परियोजनाओं में केंद्र और राज्य की जिम्मेदारियां तय होंगी।

राज्य सरकार नए हवाई मार्गों का प्रस्ताव भी दे सकेगी। सूत्रों के अनुसार, फिलहाल जिन आकांक्षी जिलों में यह योजना प्रारंभ होने की संभावना है वे जिले हैं अररिया, औरंगाबाद, बांका, बेगूसराय, गया, जमुई, कटिहार, खगड़िया, मुजफ्फरपुर, नवादा, पूर्णिया, सीतामढ़ी और शेखपुरा।

विभाग से मिली जानकारी के अनुसार परिवर्तित उड़ान के तहत ऐसे मार्गों पर भी विमान सेवा शुरू करने में सहायता मिलेगी, जहां शुरुआती दौर में यात्रियों की संख्या कम रहने की अनुमान है। ऐसे मार्गों पर उड़ान की एवज में सरकार आर्थिक मदद देगी।

सरकार का मानना है कि आर्थिक मदद मिलने से विमान कंपनियों के लिए सेवा शुरू करना और कुछ समय तक जारी रखना आसान होगा। योजना के तहत राज्य के विभिन्न हवाई अड्डों का विकास किया जाएगा। इसके लिए प्रस्ताव लिए जाएंगे और तय प्रक्रिया के अनुसार चयन होगा।

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