
नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा कि डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार का जीवन ही संघ की आत्मा है और उनका मूलमंत्र भारत सर्वोपरि है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ समय के साथ बदल नहीं रहा बल्कि अपने मूल विचार, संस्कार और मूल्यों के साथ निरंतर विकसित हो रहा है।



राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 100 वर्षों की ऐतिहासिक यात्रा पर आधारित फिल्म शतक का पहला गीत भगवा है अपनी पहचान रविवार को दिल्ली के केशव कुंज में आयोजित विशेष समारोह में लॉन्च किया गया। आरएसएस के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने गीत का औपचारिक लोकार्पण किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. भागवत ने कहा कि फिल्म शतक और इसका एंथम संघ की राष्ट्रनिष्ठा, आंतरिक शक्ति और सेवा-भाव को प्रभावी ढंग से सामने लाते हैं। यह फिल्म संघ की उन कहानियों को भी उजागर करती है, जो अब तक आम जनमानस के सामने नहीं आ पाईं। डॉ. हेडगेवार में लोगों को जोड़ने की अद्भुत क्षमता थी। वे जीवन की कठिन चुनौतियों का भी समभाव से सामना करते थे और यही गुण संघ की कार्यप्रणाली में आज भी दिखाई देता है। संघ की विचारधारा स्थिर नहीं बल्कि समाज और राष्ट्र की आवश्यकताओं के अनुसार निरंतर विकसित होने वाली है।
उन्होंने कहा कि गीत भगवा है अपनी पहचान में भगवा रंग को केवल प्रतीक के रूप में नहीं बल्कि भारत की सभ्यतागत चेतना और पहचान के रूप में प्रस्तुत किया गया है। गीत में भगवा को त्याग, तपस्या, अनुशासन, सेवा और आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक बताया गया है। यह समाज को सामूहिक चेतना के साथ एकजुट होकर राष्ट्रहित में कार्य करने का आह्वान करता है।

