
पटना। बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने घोषणा की है कि राज्य में इस वर्ष स्वास्थ्य विभाग में विभिन्न श्रेणी के 38733 पदों पर नियमित नियुक्तियां होंगी। इन नियमित पदों के अलावा, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत पूर्व से कार्यरत आशा एवं आशा फैसिलिटेटर के अलावा 27375 ग्रामीण और शहरी आशा का चयन भी होगा। मंत्री गुरुवार को विधानसभा में स्वास्थ्य विभाग के 20 हजार 35 करोड़ 80 लाख रुपये के बजट पर हुई चर्चा के बाद सरकार का पक्ष रख रहे थे।



ग्रामीण क्षेत्रों में बनेंगे 15 सौ नए अस्पताल : मंत्री ने सदन को बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग इस वर्ष कई कार्य करने जा रहा है। इसी कड़ी में सात जिलों अररिया, जहानाबाद, बांका, औरंगाबाद, कैमूर, खगड़िया और नवादा में नए मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे। इसकी स्वीकृति दी जा चुकी है। इसके बाद मेडिकल कॉलेजों की संख्या 34 हो जाएगी। ग्रामीण स्तर पर वर्ष 2025-26 में 15 सौ से अधिक नए अस्पताल खोले जाएंगे। पटना में सौ बेड का शिशु रोग अस्पताल भी स्थापित किया जाएगा।
बेगूसराय, नवादा में कैंसर अस्पताल की स्थापना : उन्होंने कहा कि बेगूसराय और नवादा में कैंसर अस्पताल की स्थापना भी होगी। जिसका प्रस्ताव स्वीकृत किया जा चुका है। साथ ही बिहार कैंसर एवं शोध सोसाइटी की स्थापना होगी। सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों को निजी जन भागीदारी (पीपीपी) के आधार पर स्थापित करने और संचालित करने के लिए नीति बनेगी। निजी क्षेत्र में मेडिकल कालेज एवं अस्पताल की स्थापना को प्रोत्साहन दिया जाएगा। मंत्री पांडेय ने कहा कि इसके अलावा विभिन्न अस्पतालों में 20 हजार सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। जिससे अस्पतालों की मॉनिटरिंग की जा सकेगी।
मंत्री मंगल पांडेय के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष के सदस्यों ने सदन का बहिष्कार कर दिया। बाद में सदन में ध्वनि मत से स्वास्थ्य विभाग का 20 हजार 35 करोड़ 80 लाख रुपये के बजट पारित कर दिया गया।

