
इस्लामाबाद । आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LET) के सह-संस्थापक आमिर हमजा के अचानक अस्पताल में भर्ती किए जाने की जानकारी सामने आने से अटकलें तेज हो गई हैं। रिपोर्टों से पता चलता है कि 66 वर्षीय हमजा अपने घर पर गंभीर रूप से घायल हो गयाा था। उसे आईएसआई की सुरक्षा में लाहौर के एक सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। इसके तीन दिन पहले ही लश्कर-ए-तैयबा के हाई प्रोफाइल ऑपरेटिव और आतंकियों को भर्ती करने के जिम्मेदार अबू सैफुल्लाह की पाकिस्तान में अज्ञात बंदूकधारियों ने गोली मारकर जहन्नुम पहुंचा दिया था।



अमेरिका ने घोषित किया था वैश्विक आतंकी: मंगलवार शाम को लश्कर के समर्थक टेलीग्राम चैनलों पर घबराहट साफ दिखाई थी। सदस्यों से संकट के दौरान मजबूत बने रहने को कहा गया, जबकि इस बात पर जोर दिया गया कि यह एक दुर्घटना थी। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के गुजरांवाला शहर से ताल्लुक रखने वाले आमिर हमजा के पास लश्कर की पत्रिकाओं के संपादन की जिम्मेदारी है। हमजा को अगस्त 2012 में अमेरिका ने वैश्विक आतंकवादी घोषित किया था।
हमजा लश्कर के प्रमुख हाफिज सईद और शीर्ष कमांडर अब्दुल रहमान मक्की का करीबी थी, जिन्हें संयुक्त राष्ट्र ने आतंकवादी घोषित किया है। हमजा को आतंकवादी संगठन की केंद्रीय समिति में नामित किया गया था। लश्कर के प्रचार को संभालने से पहले हमजा एक सक्रिय आतंकवादी था। 2000 के दशक की शुरुआत में वह भारत में सक्रिय था। हमजा और सैफुल्लाह साल 2005 में बेंगुलुरु में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस पर हमले की साजिश रचने में शामिल थे।
वह लश्कर के प्रकाशन विभाग का भी प्रमुख था। साल 2018 में हाफिज सईद ने लश्कर और जमात-उद-दावा पर प्रतिबंध के मद्देनजर जैश-ए-मनकाफा नामक एक और संगठन बनाया था। इस कदम से लश्कर के शीर्ष नेताओं में दरार की अफवाहों को बल मिला था, लेकिन यह दिखावा निकला। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के अनुसार, लश्कर की केंद्रीय सलाहकार समिति के सदस्य हमजा ने अपने अमीर हाफिज मोहम्मद सईद के कहने पर लश्कर के दूसरे समूहों के साथ संबंधों को सक्रिय रूप से बनाए रखा।

