
रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई कैबिनेट की बैठक में कुल 40 प्रस्तावों को स्वीकृति मिली। मानकी मुंडा छात्रवृत्ति योजना में संशोधन किया गया है, जिससे इसका लाभ अब झारखंड के सभी तकनीकी महाविद्यालय की छात्राओं को भी मिलेगा। पहले इस योजना का लाभ केवल झारखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालय की छात्राओं को ही मिलता था। लेकिन अब निजी उच्च शिक्षण संस्थान में तकनीकी की पढ़ाई करने वाली सभी छात्रों को इसका लाभ दिया जाएगा। वहीं, रांची महिला कालेज परिसर में छात्राओं के लिए 528 बेड का छात्रावास अब मोरहाबादी स्थित कल्याण परिषद के परिसर में बनाया जाएगा। राज्य में कर्मचारियों को अपने शिशु की देखभाल के दो साल का सवैतनिक अवकाश दिया जाएगा।
जिसमें पहले साल शत-प्रतिशत वेतन का भुगतान और दूसरे साल 80 प्रतिशत वेतन का भुगतान मिलेगा। राज्य के पदाधिकारी एवं कर्मचारियों की शिकायत या सेवानिवृत्ति लाभ से संबंधित मामलों की शिकायत के लिए झारखंड सरकारी सेवा शिकायत निवारण समिति के गठन को स्वीकृति मिली है।
राज्य कर्मियों की सेवा और सेवा निवृत्ति संबंधी विवादों के समाधान के लिए नियमावली भी का गठन किया गया है। इसमें किसी भी विवाद या समस्या के समाधान के लिए समय सीमा और अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है। निचले स्तर पर किए गए समाधान से संतुष्ट न होने पर अपीलीय प्राधिकारी का भी गठन किया गया है। इस पर अधिकार में संबंधित कर्मी अपनी बात रख सकेंगे। कैबिनेट की बैठक में पलामू स्टेशन का नाम बदलते हुए मेदिनीनगर करने की स्वीकृति प्रदान की गई है।
इसके लिए पूर्व में ही राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से अनापत्ति प्रमाणपत्र प्राप्त कर लिया है। राज्य में एनसीसी कैडेट के नाश्ता भत्ता में बढ़ोतरी की गई है। पहले उक्त राशि दस रुपये थी जिसे बढ़ाकर 25 रुपये
किया गया है।
कैबिनेट ने राज्य के मंत्रियों, विधायकों एवं पूर्व विधायकों को भी आइएएस तथा आइपीएस अफसरों की तरह स्वास्थ्य सुविधाएं देने की स्वीकृति प्रदान की है। इससे जनप्रतिनिधियों एवं उनके परिवारों का बेहतर एवं कैशलेस इलाज देशभर के अस्पतालों में हो सकेगा। इसके लिए नई नियमावली के प्रारूप को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। नई नियमावली के तहत मंत्रियों एवं विधायकों को उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा और चिकित्सा खर्च की प्रतिपूर्ति का लाभ मिलेगा। यह व्यवस्था आल इंडिया सर्विसेज मेडिकल अटेंडेंस रूल्स, 1954 की तर्ज पर लागू की जाएगी। चिकित्सा व्यय की प्रतिपूर्ति का भुगतान झारखंड विधानसभा सचिवालय के माध्यम से किया जाएगा।
कई जनप्रतिनिधियों ने इलाज के दौरान आनेवाली कठिनाइयों और अस्पतालों में पर्याप्त कवरेज न मिलने की समस्या का मुद्दा उठाया था। इन समस्याओं का गहन अध्ययन और विचार-विमर्श के बाद पुरानी व्यवस्था को समाप्त कर नई नियमावली लागू करने का निर्णय लिया गया है।
23 जिलों में होगी पुस्तकों की खरीदारी: कैबिनेट ने राज्य के 23 जिलों में स्थिति पुस्तकालय को सुदृढ़ बनाने का निर्णय लिया है। इसके तहत इन पुस्तकालयों में फर्नीचर और पुस्तकों की खरीद के लिए कुल 276.49 करोड़ की राशि की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है। प्रत्येक पुस्तकालय में कुल 12.20 करोड़ की राशि खर्च की जाएगी। नागर विमानन विभाग की ओर से वीआइपी या वीवीआइपी के उड़ान सेवा के लिए रेडबर्ड कंपनी को मनोनयन के आधार पर छह माह के लिए सेवा अवधि विस्तार दिया गया है। जमशेदपुर के मनपीठा मौजा में राज्य का चालक प्रशिक्षण संस्थान बनाया जाएगा। इसके लिए कुल 22 करोड़ रुपये खर्च होने की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। इसका संचालन टाटा मोटर करेगी। इसमें केंद्र सरकार की ओर से 17 करोड़, राज्य सरकार की ओर से 3.21 करोड और टाटा की ओर से 1.82 करोड़ दिया जाएगा। यह संस्थान 11.88 एकड़ में बनेगा।

