रांची । दुर्गा पूगा के मौके पर रांची में अमेरिका का टेंपल आॅफ टुगेगर, थाईलैंड का बौद्ध मंदिर, वाराणसी का स्वर्वेद महामंदिर थीम आधारित पंडाल लोगों को लिए आकर्षण का केंद्र बने हैं। यहां दक्षिण भारतीय, राजस्थानी, बौद्ध और ग्रामीण परंपराओं की झलक देखने को मिल रही है। पूजा पंडाल पहुंचने के लिए प्रशासन की ओर से यातायात के विशेष इंतजाम किए गए हैं, भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है।

अमेरिका का टेंपल आॅफ टुगेदर का प्रारूप : रांची के रातू रोड में अमेरिका के नेवादा में बने टेंपल आॅफ टुगेदर की थीम पर भव्य पंडाल बनाया गया है। पंडाल के निर्माण में पारंपरिक लेबनानी बुनाई शैली और बारीक नक्काशी का अनूठा संयोजन दिखाने का प्रयास किया गया है।

हटिया में थाईलैंड का बौद्ध मंदिर आकर्षण का केंद्र : हटिया रेलवे स्टेशन दुर्गा पूजा समिति ने इस बार थाईलैंड के बौद्ध मंदिर के स्वरूप को जमीन पर उतारा है। यहां बौद्ध संस्कृति के बारे में पूरी जानकारी देने की कोशिश की गई है। पंडाल के आसपास मेला भी लगाया गया है, जहां बच्चों के मनोरंजन का पूरा इंतजाम है।

जिला स्कूल में वाराणसी के स्वर्वेद महामंदिर का स्वरूप : शहीद चौक स्थित जिला स्कूल परिसर में इस बार वाराणसी के प्रसिद्ध स्वर्वेद महामंदिर के स्वरूप को उतारा गया है, जो लोग तीन साल पहले वाराणसी जाकर इस मंदिर को नहीं देख पाये हैं, वो इस पूजा पंडाल में आकर इसके स्वरूप का दर्शन कर सकते हैं।

मेन रोड में गुजरात के द्वारिकाधीश मंदिर का प्रारूप: रांची में मेन रोड स्थित चंद्रशेखर आजाद दुर्गा पूजा समिति की ओर से इस बार गुजरात के द्वारिकाधीश मंदिर का प्रारूप तैयार किया गया है, जिसमें मंदिर का भव्य दर्शन किया जा सकता है। यहां स्थापत्य कला और वास्तुकरा का एक साथ संगम देखा जा सकता है। यहां 120 फीट ऊंचा चौड़ा और 100 फीट लंबा पंडाल बनाया गया है।

बकरी बाजार में तमिलनाडु का वृहदेश्वर मंदिर : रांची के अपर बाजार स्थित बकरी बाजार पूजा पंडाल में इस बार तमिलनाडु का वृहदेश्वर मंदिर का प्रारूप बनाया गया है। इसमें दक्षिण भारतीय स्थापत्य कला की भव्यता का दर्शन होता है। यहां पंडाल दूर से ही भक्तों को आकर्षित कर रहा है।

भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध: दुर्गा पूजा उत्सव के दौरान श्रद्धालुओं की अपार भीड़ और संभावित जाम से निपटने के लिए जिला प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस ने विसर्जन तक का नया ट्रैफिक रूट चार्ट जारी कर दिया है। शहर के प्रमुख मार्गों पर ये विशेष यातायात व्यवस्था 14 से 20 अक्तूबर तक पूर्णत: प्रभावी रहेगी। शहर के अंदर यातायात नियंत्रित करने के लिए 144 स्थानों पर ड्रॉप गेट या बैरियर लगाये गए हैं। वहीं, भारी वाहनों की नो-एंट्री के लिए 17 स्थान चिह्नित किये गये हैं। मोरहाबादी मैदान में रावण दहन के दौरान भी 11 स्थानों पर बैरियर लगाये जायेंगे।श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अलग-अलग मार्गों से आने वाले वाहनों के पार्किंग स्थल भी निर्धारित किये गये हैं।

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