नई दिल्ली। कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के पूर्व प्रिंसिपल डॉक्टर संदीप घोष पर सीबीआई का शिकंजा कस चुका है। सोमवार को सीबीआई ने संदीप घोष को गिरफ्तार कर लिया है। संदीप घोष के ऊपर कॉलज से निकलने वाले मेडिकल कचरे के घोटाले का आरोप है। इससे पहले जूनियर डॉक्टर के साथ हुई दरिंदगी के मामले को लेकर उनसे पूछताछ चल रही थी।

संदीप घोष के अलावा सीबीआई ने उनके बॉडीगार्ड अफसर अली खान और मेडिकल कचरा खरीदने वाले दो वेंडर्स बिप्लव सिन्हा और सुमन हाजरा को भी गिरफ्तार किया गया है। कोलकाता जूनियर डॉक्टर केस में मुख्य आरोपी संजय रॉय पहले से सलाखों के पीछे है और इस केस के में अभी तक पांच लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

पहले दिन से सवालों के घेरे में संदीप घोष : आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में हुई घटना के पहले दिन से ही पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष सवालों के घेरे में हैं। शुरूआत में उनके ऊपर आरोप लगे कि उन्होंने जूनियर डॉक्टर के साथ हुए दुष्कर्म और हत्या के मामले को दबाने की कोशिश की। इस मामले में संदीप घोष से पूछताछ चल ही रही थी कि आरजी कर मेडिकल कॉलेज के पूर्व डिप्टी सुपरिटेंडेंट डॉक्टर अख्तर अली ने एक बड़ा खुलासा कर दिया। अख्तर अली ने मीडिया में बयान देते हुए बताया कि संदीप घोष लंबे वक्त से मेडिकल कॉलेज के अंदर भ्रष्टाचार के खेल में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि हॉस्पिटल से निकलने वाले मेडिकल कचरे को संदीप घोष ऐसे वेंडर्स को बेचते हैं, जिन्हें कानूनी तौर पर इसके लिए मान्यता नहीं मिली है।

साथ ही अख्तर अली ने ये भी बताया कि संदीप घोष लावारिस शवों को बेचने के धंधे में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि संदीप कॉलेज के छात्रों से उन्हें परीक्षा में पास कराने के लिए 5 से 8 लाख रुपये तक की रकम वसूलते थे। अख्तर अली के मुताबिक, कॉलेज के अंदर स्टूडेट्स का एक अलग गुट था, जो संदीप घोष के इशारों पर काम करता था। बदले में संदीप इन स्टूडेंट्स को कॉलेज के गेस्ट रूम में शराब पार्टी करने के लिए बुलाते थे। अख्तर अली ने बताया कि संदीप घोष के खिलाफ उन्होंने एक साल पहले राज्य सतर्कता आयोग और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को शिकायत दी थी, लेकिन मामले में एक्शन लेने के बजाय उनका ही ट्रांसफर कर दिया गया। इसके अलावा उन्हें और उनके परिवार को इस मामले में मुंह बंद रखने की धमकी भी दी गई। जूनियर डॉक्टर का मामला सामने आने के बाद अख्तर अली ने कोलकाता हाईकोर्ट में याचिका दी थी, जिसके बाद सीबीआई ने संदीप घोष को गिरफ्तार किया।

घोष का बॉडीगार्ड अफसर अली खान : अफसर अली खान साए की तरह संदीप घोष के साथ रहते थे। आरजी कर मेडिकल कॉलेज में अफसर अली को संदीप घोष के राजदार के तौर पर जाना जाता था। ऐसे में सीबीआई को शक है कि संदीप घोष के हर घोटाले में अफसर अली भी शामिल हो सकता है। अख्तर अली ने आरोप लगाया है कि सरकारी कॉलेज के अंदर संदीप घोष ने प्राइवेट बॉडीगार्ड रखकर नियमों की भी अनदेखी की है। माना जा रहा है कि जल्द ही सीबीआई अफसर अली से पूछताछ शुरू कर सकती है।

मां तारा ट्रेडर्स के मालिक बिप्लव सिन्हा : आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में भ्रष्टाचार के मामले को लेकर बिप्लव सिंह का नाम भी सामने आया है। बिप्लव सिन्हा मेडिकल उपकरणों की सप्लाई करने वाली फर्म मां तारा ट्रेडर्स के मालिक हैं। आज तक की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बिप्लव के पिता इसी मेडिकल कॉलेज में काम कर चुके हैं। अपने पिता के संपर्कों का फायदा उठाकर बिप्लव ने पहले अस्पताल में पोस्टर-बैनर का काम शुरू किया। इसके बाद मां तारा ट्रेडर्स फर्म के जरिए धीरे-धीरे दवाइयों और मेडिकल उपकरणों की सप्लाई का काम भी हासिल कर लिया। सीबीआई ने मामले में एफआईआर भी मां तारा ट्रेडर्स के नाम पर दर्ज की है।

हाजरा मेडिकल शॉप मालिक सुमन हाजरा : हाजरा मेडिकल शॉप नाम से दवाइयों की दुकान चलाने वाले सुमन हाजरा को संदीप घोष का खासमखास माना जाता है। अख्तर अली के आरोपों के मुताबिक, संदीप घोष मेडिकल कॉलेज में दवाओं के नाम पर भी बडे़ स्तर पर धांधली करते थे। सीबीआई को शक है कि इस धांधली में संदीप घोष के साथ सुमन हाजरा भी शामिल हो सकते हैं। सुमन हाजरा और बिप्लव सिन्हा एक ही मोहल्ले में रहते हैं। सुमन हाजरा को लेकर अंदेशा जताया जा रहा है कि वो मेडिकल कॉलेज के लिए अच्छे उपकरणों को बाजार में बेचकर संदीप घोष को मुनाफा कराता था।

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