
रांची-झारखंड का प्रमुख आदिवासी प्रकृति पर्व सरहुल इस वर्ष 21 मार्च को पूरे उत्साह एवं पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया जाएगा। इसी क्रम में बुधवार को कांके रोड स्थित पूर्व महापौर अशोक कुमार सिंह के वार्ड संख्या-2 स्थित आवास पर मिसिरगोंदा क्षेत्र की महिलाओं को आमंत्रित कर एक विशेष बैठक एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।



कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सरहुल पर्व के पूर्व एक सकारात्मक एवं सामुदायिक वातावरण का निर्माण करना तथा समाज में एकता और उत्साह का संचार करना था। इस अवसर पर उपस्थित सभी महिलाओं को पारंपरिक लाल पाड़ साड़ी भेंट कर सम्मानित किया गया। साथ ही सभी महिलाओं को पारंपरिक भोज कराकर सम्मानपूर्वक विदाई दी गई।इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि सरहुल केवल एक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति, संस्कृति एवं सामुदायिक एकता का प्रतीक है, जिसे सभी को मिलकर संरक्षित एवं समृद्ध करना चाहिए।बैठक में उपस्थित महिलाओं ने सामूहिक रूप से यह संकल्प लिया कि इस वर्ष सरहुल पर्व को और अधिक हर्षोल्लास, पारंपरिक गरिमा एवं स्वच्छ वातावरण के साथ मनाया जाएगा।

कार्यक्रम में अशोक कुमार सिंह, महावीर लकड़ा, मनोज राव, सुरेश टोप्पो, अनिल लकड़ा सहित सैकड़ों महिलाएं उपस्थित थीं।मौके पर अग्नि टोप्पो, लॉरी लकड़ा, इतवारी कच्छप, मेरी कुजूर, पुष्पा राव, सुमन टोप्पो, संगीता उरांव, आशा उरांव, चंपू राम, कदमी बंधु, अलका टोप्पो सहित अन्य लोग मौजूद थे। वहीं आयोजक मंडल में अशोक कुमार सिंह, महावीर लकड़ा, अनिल उरांव, मनोज उरांव, महादेव उरांव, सुरेश टोप्पो, विनीता उरांव, भोलीरा उरांव, लीलावती उरांव सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।

